सतीश सिंह, लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम जारी अपनी ‘योगी की पाती’ में महावृक्षारोपण-2026 के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की ऐतिहासिक सफलता पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 40 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा कर नया इतिहास रचा है. यह उपलब्धि केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, भावी पीढ़ियों के प्रति उत्तरदायित्व और जीवन रक्षा का संकल्प है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति का आधार वन और प्रकृति रहे हैं. वेद, उपनिषद, पुराण और आयुर्वेद में वृक्षों के महत्व का विस्तार से वर्णन मिलता है. उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है “वृक्षों में मैं अश्वत्थ (पीपल) हूं.” महाभारत और पुराणों में भी पीपल, वट, आंवला, बेल और पारिजात जैसे वृक्षों का विशेष महत्व बताया गया है.
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योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. वर्ष 2017 से 2023 के बीच प्रदेश में वन और वृक्षावरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है. हरित आवरण बढ़कर 9.96 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और अब तक प्रदेश में 280 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं.
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण असंतुलन, कार्बन उत्सर्जन, वनों के क्षरण और जैव विविधता के संकट को देखते हुए सभी नागरिकों से वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि बच्चों के जन्मदिन, विवाह, पारिवारिक उत्सव और अन्य शुभ अवसरों पर पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपना दायित्व निभाएं. उनका कहना है कि आज लगाया गया हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, सुरक्षित और समृद्ध उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव बनेगा.

