भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने राज्य के राइस मिलिंग उद्योग को एक बड़ी राहत देते हुए धान की कुटाई (Rice Milling Charges) के शुल्क में दोगुनी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला राज्य के राइस मिलर्स के लिए एक बड़ा नीतिगत कदम माना जा रहा है.

संशोधित दरों के अनुसार, सरकार ने उसना और अरवा दोनों ही प्रकार के चावलों की मिलिंग फीस को बढ़ा दिया है:
उसना चावल (Parboiled Rice): इसकी मिलिंग दर को ₹20 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर अब ₹40 प्रति क्विंटल कर दिया गया है.
अरवा चावल (Raw Rice): इसकी मिलिंग दर को ₹10 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर अब ₹20 प्रति क्विंटल कर दिया गया है.
बढ़ती परिचालन और प्रसंस्करण लागत को देखते हुए राइस मिल उद्योग से जुड़े संगठन लंबे समय से मिलिंग शुल्क में संशोधन की मांग कर रहे थे. सरकार के इस फैसले से मिल मालिकों को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी और राज्य के धान प्रसंस्करण इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी.
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, बढ़ी हुई दरों से राइस मिलों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, जिससे वे और अधिक कुशलता के साथ काम कर सकेंगी. इसके साथ ही धान खरीद और प्रसंस्करण गतिविधियों में तेजी आएगी. इस कदम का सकारात्मक असर पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला पर पड़ेगा और धान व चावल के स्टॉक का प्रबंधन अधिक सुचारू रूप से हो सकेगा.
राज्य सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस फैसले से ओडिशा के राइस मिलिंग क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा.

