कुंदन कुमार, पटना। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर उनके प्रति अपनी संवेदना जाहिर की। इस दौरान उन्होंने भरत तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। चिराग पासवान को देखते ही भरत तिवारी के मां-पिता और बहन फूट-फूटकर रोने लगे और भरत तिवारी के लिए न्याय की गुहार लगाई।
भरत तिवारी की हत्या हुई- चिराग पासवान
इस दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए चिराग पासवान ने कहा कि भरत तिवारी की हत्या हुई है। उन्होंने कहा कि, जिस तरीके से घटना घटी है, उससे स्पष्ट है कि गलत तो हुआ है। ऐसे में परिवार को न्याय मिले ये हम लोगों की प्राथमिकता है। आज इसी उद्देश्य के साथ मैं वहां पर गया कि परिवार अपनी बातों को खुलकर स्पष्ट तरीके से रखे, ताकि उन विषयों को मैं उच्च मंच तक लेकर जाऊं। परिवार को न्याय जरूर मिलेगा , मैं और मेरी पार्टी पूरी तरह पीड़ित परिजनों के साथ मजबूती से खड़ी है।
रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या होगा?
चिराग पासवान ने कहा कि, कानून का राज तभी मजबूत होगा, जब कानून के रक्षक स्वयं कानून का सम्मान करेंगे। भारत तिवारी जी की जिस तरह से हत्या हुई, वह किसी भी सभ्य समाज और लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकती। रक्षक ही जब भक्षक बन जाए तो क्या होगा?
न्याय दिलाना हम सबकी जिम्मेदारी- चिराग
उन्होंने कहा कि, मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि यदि कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारी ही कानून को अपने हाथ में लेने लगेंगे, तो आम जनता का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा। मेरी मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो तथा जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएं, उन्हें बिना किसी दबाव या पक्षपात के कठोरतम सजा दी जाए। बिहार में कानून का राज सर्वोपरि है और निर्दोष को न्याय दिलाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
मांझी ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को ठहराया सही
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर एनडीए में दो फाड़ होता दिख रहा है। दरअसल एक तरफ जहां चिराग पासवान इसे हत्या करार देते हुए परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिला रहे हैं। वहीं, जीतन राम मांझी ने चिराग के भोजपुर पहुंचने और भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करने पर जीतन राम मांझी का बड़ा बयान देते हुए कहा है कि, चिराग जो करेंगे…हम भी वही करेंगे क्या? मांझी ने कहा कि, हमारा व्यू स्पष्ट है पुलिस ने जो कार्रवाई की है। वह सही की है, नहीं तो पुलिस ही मारी जाती। वैसे भी न्यायिक जांच तो बैठ गई है। अब इस पर कुछ भी कहना उचित नहीं है।
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