मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्रकूट में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर लौटने के बाद राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने प्रभावित परिवारों, किसानों, व्यापारियों और मठ-मंदिरों को नियमानुसार सहायता देने तथा भविष्य में बाढ़ का असर कम करने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने के निर्देश दिए.

सतीश सिंह, लखनऊ. अतिवृष्टि से प्रभावित चित्रकूट का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता पहुंचाने और फसल व मकानों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा मिल सके.

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम के व्यापारियों और मठ-मंदिरों को हुए नुकसान का भी आकलन कर सहायता उपलब्ध कराने को कहा. साथ ही भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए.

किसानों को मुआवजा

योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सर्वे जल्द पूरा कराने को कहा. पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने के साथ पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए.

आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है.

48 घंटे में राहत किट

राहत कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने शेष राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर प्रभावित लोगों तक सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने राहत सामग्री पहुंचाने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों के बीच लगातार मौजूद रहकर उनकी जरूरत के अनुसार मदद उपलब्ध कराने को कहा. स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार उपलब्ध रहने को कहा गया है.

मंदाकिनी पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर नियमानुसार हटाने की कार्रवाई करने को कहा. इस संबंध में जनपदीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद करने के भी निर्देश दिए गए.

उन्होंने घाट के विस्तारीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा. साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में सीवर या नालों का पानी पवित्र मंदाकिनी नदी में नहीं जाना चाहिए.

पर्यटन, सिंचाई और नगर विकास विभाग को आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.

फुट ओवर ब्रिज का ऑडिट

मंदाकिनी नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज की सुरक्षा को लेकर पीडब्ल्यूडी को सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए. मुख्यमंत्री ने जनसुरक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा.

इसके अलावा चित्रकूट धाम से एयरपोर्ट तक जाने वाले मार्ग का निर्माण कार्य विजयादशमी से पहले हर हाल में पूरा कराने के निर्देश दिए गए. उन्होंने निर्माण में देरी के कारणों की समीक्षा कर संबंधित की जवाबदेही तय करने को भी कहा.