तनवीर खान, मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले अंतर्गत नादन क्षेत्र के जरियारी गांव से भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल खोलती तस्वीर सामने आई है। मार्च 2024 में करीब 55 लाख रुपये की लागत से बनी पुलिया पहली ही बारिश में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया टूटने से गांव का संपर्क कट गया और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। इससे नाराज होकर रविवार दोपहर दर्जनों ग्रामीण जरियारी मार्ग पर सड़क पर बैठ गए और जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए तत्काल वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग बनाने की मांग करने लगे।
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हाईवे से गुजर रहे डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल को ग्रामीणों ने घेरा
प्रदर्शन के दौरान ही हाईवे से गुजर रहे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की गाड़ी को आक्रोशित ग्रामीणों ने बीच सड़क पर रुकवा लिया। ग्रामीणों ने डिप्टी सीएम के सामने 55 लाख की लागत से बनी पुलिया के अचानक क्षतिग्रस्त होने की शिकायत दर्ज कराई और बताया कि रास्ता बंद होने से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने उनके समक्ष तत्काल डायवर्सन निर्माण की गुहार लगाई, जिस पर डिप्टी सीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान कराने का ठोस आश्वासन दिया।
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नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण ने बनाई थी पुलिया
ग्रामीणों के अनुसार, इस पुलिया का निर्माण नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा कराया गया था, जिसकी ठेकेदार निर्माण एजेंसी ‘फलोदी’ बताई जा रही है। महज कुछ महीने पहले 55 लाख की लागत से तैयार हुई पुलिया का बारिश में ढह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करता है। मौके पर पहुंचे नादन थाना प्रभारी पंचराज सिंह पुलिस बल के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक डायवर्सन का काम शुरू नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा।
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