बेटियाँ सच में घर की लक्ष्मी होती हैं, और जब वे मायके आती हैं, तो उनके साथ खुशहाली और सौभाग्य भी आता है. परंपराओं और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि बेटी शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, और शुभ दिन पर मायके आती है, तो यह घर-परिवार के लिए विशेष मंगलकारी माना जाता है. बेटियों के कदमों के साथ सौभाग्य भी मायके में प्रवेश करता है. इसलिए यदि बेटी मायके आने के लिए सही दिन और शुभ मुहूर्त का चयन करती है, तो यह परिवार के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है.
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इन दोनों को चुनें
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्ल पक्ष के दिन, विशेषकर सोमवार, गुरुवार या शुक्रवार को मायके आना बेहद शुभ होता है. नवमी, एकादशी या त्रयोदशी तिथि भी सौभाग्य कारक मानी जाती है. वहीं, अमावस्या, ग्रहण या अशुभ योगों के दौरान यात्रा करने से बचना चाहिए.
समृद्धि का आशीर्वाद भी लेकर आती है
यदि बेटी अपने नक्षत्र, राशि और लग्न को ध्यान में रखकर मायके आती है, तो वह अपने साथ खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद भी लेकर आती है. इसलिए गर्मी की छुट्टी में जब आपकी प्यारी बिटिया मायके आए, तो शुभ दिन और समय का ध्यान रखें. आखिर बेटियाँ जहां भी कदम रखें, वहां खुशियों का फूल खिल उठता है.
कुछ विशेष बातें ध्यान रखें
26 मई 2025 को अमावस्या है, इसलिए इस दिन यात्रा या मायके आना टालें. यात्रा के दिन राहुकाल (अशुभ समय) से बचना चाहिए.

