लखनऊ। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित भूमि खरीद और चढ़ावा अनियमितताओं के मामले में 13 नए दस्तावेजी साक्ष्य होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि वह विशेष जांच दल (एसआईटी) को पत्र लिखकर समय मांगेंगे और सभी दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंपेंगे।

सोमवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई कई जमीनें बाजार मूल्य से 10 से 12 गुना अधिक कीमत पर खरीदी गईं। उन्होंने विभिन्न गाटा संख्याओं की जमीनों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि करोड़ों रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

केवल पद छोड़ना पर्याप्त नही

आप सांसद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि यदि इतने गंभीर आरोप सामने हैं तो संबंधित ट्रस्ट के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की गिरफ्तारी की मांग करते हुए आरोप लगाया कि केवल पद छोड़ने की चर्चा पर्याप्त नहीं है।

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2021 में भी कराई थी शिकायत

संजय सिंह ने कहा कि वे वर्ष 2021 में भी इस मामले में शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हुई। उनका दावा है कि इस बार नए दस्तावेजों के साथ एसआईटी के समक्ष पूरा मामला रखा जाएगा।

धार्मिक आस्था के नाम पर भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने भाजपा पर भी तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था के नाम पर भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसी उन्हें बुलाती है तो वे अपने दावों के समर्थन में संबंधित दस्तावेज और गवाह भी प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा संजय सिंह ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल, भाजपा के कार्यक्रमों में धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल, अयोध्या मंदिर दर्शन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और उत्तर प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने जैसे मुद्दों पर भी भाजपा और राज्य सरकार की आलोचना की।