बीडी शर्मा, दमोह। मध्य प्रदेश में धरती का भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। हटा सिविल अस्पताल में गर्भवती की सर्जरी के दौरान महिला के पेट में कपड़ा छोड़ दिया। पीड़िता के हालत बिगड़ने पर इस मामले का खुलासा हुआ।
दरअसल, हटा नगर के गौरीशंकर वार्ड निवासी गर्भवती मीना को बहुत तेज दर्द उठा। जिसके बाद उसे 5 अप्रैल को आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी प्रजापति ने अस्पताल में भर्ती कराया। जहां शाम को ऑपरेशन से महिला का प्रसव हुआ और उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद बुधवार को महिला की छुट्टी कर दी गयी। लेकिन गुरुवार शाम उसे असहनीय पेट दर्द के साथ खून बह गया। जिसके चलते फिर परिजन अस्पताल पहुंचे।
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ड्यूटी डॉक्टर ने चेकअप के बाद उसे भर्ती कराया और बताया कि ऑपरेशन के दौरान पेट में कपड़ा रह गया था, जिसे बाहर निकाला गया है। महिला के पति संदीप अहिरवार ने बताया कि जब पत्नी की डिलेवरी हुई थी, उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर नही था। ड्यूटी पर सपना और उनके साथ एक और नर्स थी, जिन्होंने कपड़ा अंदर ही छोड़ दिया, जिससे पत्नी की हालत गंभीर हो गई।
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महिला के पति ने हटा थाने में आवेदन देकर नर्स पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल महिला की हालत गंभीर है, जिसका इलाज हटा सिविल अस्पताल में किया जा रहा है। सुरक्षित प्रसव के नाम पर नर्सों ने 500-500 रूपए भी महिला के परिजनों से लिए थे। दमोह सीएमएचओ डॉ राजेश आठ्या का कहना है कि यदि लापरवाही की है,तो गंभीर मामला है। जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

