महाराष्ट्र के नासिक में भारी बारिश के बीच बादल फटने की आशंका जताई गई है. प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है. कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है. त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, जिसे लेकर त्र्यंबकेश्वर में दर्शन बंद कर दिए गए हैं. जबकि प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.
मुंबई में मौसम विज्ञान विभाग ने शहर में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताते हुए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है. विभाग ने त्र्यंबकेश्वर-नासिक क्षेत्र में बादल फटने जैसी अत्यधिक बारिश और करीब 300 मिलीमीटर तक वर्षा की संभावना जताई है.
भारी बारिश होने की वजह से सोमवार को मुंबई और आस-पास के जिलों में जन-जीवन लगभग ठप हो गया. बारिश और खराब मौसम को देखते हुए 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर और नासिक का सप्तश्रृंगी माता मंदिर भी बंद रखा गया है.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को स्थिति पर नजर बनाए रखने और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री ने देर रात त्र्यंबकेश्वर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. रात करीब 12 बजे मंत्री ने त्र्यंबकेश्वर तालुका के मेटघर गांव का दौरा कर हालात का जायजा लिया.
नासिक के साथ-साथ पालघर और वसई-विरार क्षेत्रों में भी भारी बारिश दर्ज की गई है. इन इलाकों में 350 से 400 मिमी तक वर्षा रिकॉर्ड की गई.
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने स्थिति की गंभीरता को बताते हुए कहा कि नासिक में बादल फटने का अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग की ओर से रात 1 बजे से मंगलवार सुबह 10 बजे तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.
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