शब्बीर अहमद, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इंदौर अग्निकांड में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने घटना को लेकर दुख जताया। इस दौरान पीड़ित परिवार ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की देरी से आने की शिकायत की। वहीं सीएम ने ईवी चार्जिंग को लेकर एसओपी बनाने की बात कही हैं। उन्होंने यहां भी कहा कि मामले की बारीकी से जांच की जाएगी। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेंगे।
जांच के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की घटना पर तत्काल संज्ञान लिया था। बुधवार को घटना के बाद उन्होंने कहा था कि इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग से हुई दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को व्यवस्थित जांच के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल से अधिकारियों और विशेषज्ञों को भी इंदौर रवाना किया गया है। उन्होंने कहा था कि डिजिटल लॉक और इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग से हुई दुर्घटना से बदलती तकनीक और उसके उपयोग के परिणामस्वरूप नई प्रकार की चुनौती सामने आयी है। ऐसी घटनाओं को रोकने और जागरूकता की दिशा में राज्य सरकार कार्य करेगी। हमारी कोशिश होगी कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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जिंदा जलने से 8 लोगों की हुई थी मौत
उन्होंने यह भी कहा था कि डिजिटल लॉक जैसी सुविधाओं का उपयोग हमारी आवश्यकता है, लेकिन ऐसी सुविधाओं से मानव जीवन भी कष्ट में आता है। इन उपकरणों के उपयोग में विशेष सतर्कता और सावधानी जरूरी है। इस संबंध में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर भी सजग रहना चाहिए। आपको बता दें कि इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बुधवार तड़के एक भीषण हादसा हो गया।
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रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। EV कार में भड़की चिंगारी घर तक जा पहुंचीं। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में मकान मालिक मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी।

