मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली के इंडो-जापान कॉन्क्लेव में जापानी कंपनियों को हरियाणा आने का न्योता दिया। राज्य में अब परियोजनाओं की मंजूरी का समय 24 दिन से घटकर 12 दिन हो गया है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने जापानी निवेशकों को प्रदेश में निवेश और साझेदारी का खुला निमंत्रण देते हुए कहा कि हरियाणा भारत-जापान औद्योगिक सहयोग का सबसे मजबूत और भरोसेमंद मॉडल बन चुका है। नई दिल्ली में आयोजित इंडो-जापान कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा केवल निवेश का गंतव्य नहीं, बल्कि जापान के लिए एक रणनीतिक साझेदार के रूप में उभरा है। इस दौरान हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री Rao Narbir Singh भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान के बीच वर्षों पुरानी राजनीतिक और आर्थिक साझेदारी अब नई औद्योगिक क्रांति की दिशा तय कर सकती है। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं बताते हुए जापानी निवेशकों को हरियाणा में पार्टनरशिप के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर भी काम कर रही है और अब परियोजनाओं की मंजूरी का समय 24 दिन से घटाकर 12 दिन कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज भारत में जापानी उद्योगों का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है, जहां करीब 394 जापानी उद्योग और 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। उन्होंने अपनी जापान यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले वर्ष जापान की 9 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हरियाणा में लगभग ₹5000 करोड़ निवेश की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, मानेसर, सोनीपत, बावल और झज्जर जैसे क्षेत्र भारत-जापान औद्योगिक साझेदारी की मजबूत तस्वीर पेश कर रहे हैं, जबकि नारायणगढ़ में प्रस्तावित जापानी क्लस्टर और झज्जर की जापानी इंडस्ट्रियल टाउनशिप इस रिश्ते को नई दिशा देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, एयरपोर्ट नेटवर्क और आधुनिक लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर राज्य को वैश्विक निवेश के लिए आदर्श बनाते हैं। साथ ही जापानी निवेशकों की सुविधा के लिए ‘सकुरा डेस्क’ स्थापित किया गया है, जो निवेश से लेकर विस्तार तक हर स्तर पर सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा “होम अवे फ्रॉम होम” की भावना के साथ जापानी कंपनियों के लिए सबसे भरोसेमंद ठिकाना बन रहा है।

