दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा डब्लूएफआइ को फटकार लगाने के बाद हरियाणा महिला कांग्रेस अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने विनेश फोगाट का समर्थन किया है। उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए खेल संस्थाओं में पारदर्शिता और महिला खिलाड़ियों के सम्मान की मांग उठाई।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। अंतरराष्ट्रीय पहलवान और जुलाना से कांग्रेस विधायक Vinesh Phogat के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा WFI (Wrestling Federation of India) को लगाई गई फटकार के बाद हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष Pearl Chaudhary खुलकर उनके समर्थन में सामने आई हैं। पर्ल चौधरी ने अदालत की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि यह मामला केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि देश की बेटियों के सम्मान, समान अवसर और न्याय से जुड़ा विषय है।

पर्ल चौधरी ने कहा कि हाईकोर्ट ने बिल्कुल उचित सवाल उठाया है कि जब देश के कई नामी खिलाड़ियों को नियमों में राहत और विशेष अवसर दिए जाते रहे हैं, तो फिर विनेश फोगाट के साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया।

उन्होंने कहा कि इससे खेल संस्थाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनके मुताबिक, देश का नाम रोशन करने वाली हरियाणा की बेटी के साथ किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि विनेश फोगाट केवल विश्वस्तरीय पहलवान ही नहीं, बल्कि जुलाना विधानसभा से जनप्रतिनिधि भी हैं। घर-परिवार, मातृत्व और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने कुश्ती के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया है। अपने संघर्ष और उपलब्धियों से उन्होंने न केवल हरियाणा और भारत, बल्कि पूरी दुनिया में नारी शक्ति की मिसाल कायम की है।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस खिलाड़ी ने देश के लिए पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाया और लाखों बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, उसी खिलाड़ी को प्रशासनिक अड़चियों और कथित भेदभाव का सामना करना पड़े, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में महिला खिलाड़ियों के सम्मान और अधिकारों की लगातार अनदेखी हुई है।

पर्ल चौधरी ने मांग की कि WFI निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करे तथा विनेश फोगाट को बिना किसी भेदभाव के प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का पूरा अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा, “देश की बेटियाँ किसी की कृपा नहीं, अपना हक मांग रही हैं।”