चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को पंजाब के नकोदर स्थित बापू लाल बादशाह जी दरबार में आयोजित 43वें तीन दिवसीय मेले में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने पंजाब-हरियाणा के साझा सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत बताते हुए दोनों राज्यों की खुशहाली, समृद्धि और देश की उन्नति की कामना की।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार को पंजाब के जालंधर जिले के नकोदर स्थित बापू लाल बादशाह जी दरबार में आयोजित 43वें तीन दिवसीय मेले में शामिल हुए। इस अवसर पर दरगाह के गद्दीशीन एवं पूर्व सांसद हंसराज हंस भी मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू लाल बादशाह जी की पावन धरती पर शीश नवाने का अवसर उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने आयोजन समिति और हंसराज हंस का आमंत्रण एवं आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा भले ही अलग-अलग राज्य हों, लेकिन दोनों की सांस्कृतिक विरासत, गुरु परंपरा और सामाजिक रिश्ते एक जैसे हैं। दोनों प्रदेश एक ही परिवार के दो भाइयों की तरह हैं और हमेशा प्रेम, भाईचारे व सद्भाव के साथ आगे बढ़ते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी कामना है कि जिस तरह हरियाणा विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, उसी तरह पंजाब भी तेजी से प्रगति कर देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।
मुख्यमंत्री ने बापू लाल बादशाह जी के चरणों में दोनों राज्यों की खुशहाली, समृद्धि और देश की निरंतर उन्नति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार संतों और महापुरुषों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर गरीब, जरूरतमंद और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है। सरकार का लक्ष्य अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।


