मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अमृत सरोवरों का डिजिटल उद्घाटन किया है। सोनीपत जिले में पंचायत मंत्री ने तीन सरोवरों की सौगात दी।

संजीव घनगस, सोनीपत। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को नारायणगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेशभर में लगभग 222 करोड़ 97 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए 325 अमृत सरोवरों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर किया गया। सोनीपत में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन लघु सचिवालय स्थित सभागार में किया गया, जिसमें हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने जिले के भाखरपुर(पीर वाला तालाब), दतौली(पावर हाउस वाला तालाब) एवं बली कुतुबपुर(लाला वाला तालाब) गांवों में विकसित अमृत सरोवरों का उद्घाटन किया। इन तीनों अमृत सरोवरों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण पर 88 लाख 34 हजार रुपये की राशि खर्च की गई है।

तालाबों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। अमृत सरोवर मिशन के माध्यम से प्रदेश के पारंपरिक तालाबों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल स्रोत उपलब्ध होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों का पर्यावरण भी बेहतर बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 604 अमृत सरोवरों का निर्माण एवं पुनर्जीवन किया जा चुका है। हरियाणा में लगभग 19 हजार तालाब हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में तालाबों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। सरकार ने प्रथम चरण में 2200 तालाबों के जीर्णोद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया है।

तालाबों को दिया जा रहा आधुनिक स्वरूप

श्री पंवार ने कहा कि अमृत सरोवरों का केवल सौंदर्यीकरण ही नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें आधुनिक सुविधाओं से भी सुसज्जित किया जा रहा है। इसके तहत तालाबों की डी-सिल्टिंग, रिटेनिंग वॉल, पेविंग ब्लॉक, पैदल पथ, स्ट्रीट लाइट, पौधारोपण, बैठने के लिए बेंच तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि ये तालाब ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि मनरेगा के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि तालाबों में गंदा पानी प्रवेश न करे तथा उनकी स्वच्छता और जल गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने बताया कि हरियाणा मनरेगा के तहत श्रमिकों को प्रतिदिन 400 रुपये मजदूरी देने वाला देश का अग्रणी राज्य है।