पटना/ दिल्ली। ​बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन दिनों दिल्ली के महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरे पर हैं। अपने प्रवास के दूसरे दिन, यानी शुक्रवार को वे भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे राष्ट्रपति को बिहार आने का औपचारिक निमंत्रण देंगे।

​राष्ट्रपति के साथ संभावित चर्चा के बिंदु

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की राष्ट्रपति के साथ होने वाली यह बैठक राज्य के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सूत्रों के अनुसार इस दौरान बिहार की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा होगी। साथ ही, मुख्यमंत्री राष्ट्रपति के समक्ष राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं विशेषकर महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तिलका मांझी विश्वविद्यालय में महान स्वतंत्रता सेनानी तिलका मांझी की प्रतिमा के अनावरण के लिए राष्ट्रपति से विशेष आग्रह करेंगे।

​प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक

​दिल्ली दौरे के पहले दिन, गुरुवार देर शाम मुख्यमंत्री ने बिहार कैडर के वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि ‘विकसित बिहार’ का सपना केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए प्रशासनिक तंत्र के अनुभव और सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य के विकास मॉडल को और अधिक मजबूत करने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक तेजी से पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक में दीर्घकालिक प्रशासनिक सुधार और निवेश-अनुकूल माहौल तैयार करने पर भी गहन चर्चा हुई।

​उपराष्ट्रपति से हुई मुलाकात

​अधिकारियों के साथ बैठक से पहले, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उपराष्ट्रपति से मुलाकात की। लगभग आधे घंटे तक चली इस सार्थक बातचीत में उन्होंने बिहार के समग्र विकास और शासन व्यवस्था के बेहतर मॉडल पर चर्चा की।
​यह दौरा बिहार के विकास एजेंडे को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का मुख्य उद्देश्य केंद्र के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर राज्य में पारदर्शी और कुशल शासन व्यवस्था को धरातल पर उतारना है।