कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार ने जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सहयोग शिविर व्यवस्था लागू कर रखा है, जिसके तहत हर महीने के दूसरे मंगलवार को राज्य स्तर पर सभी जिलों में ‘सहयोग कार्यक्रम’ का आयोजन किया जाता है। हालांकि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी लोगों की सुनवाई नहीं हो पाती है। वहीं, कई मामलों में लोग इस सुनवाई को लेकर असंतोष जताते हुए भी नजर आए। ऐसे में जनता का विश्वास सरकार पर बना रहे इसे ध्यान में रखते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने खुद इसकी कमान संभालने का फैसला किया है।

14 जुलाई को मुख्यमंत्री सचिवालय में सहयोग शिविर

दरअसल सीएम सम्राट चौधरी आगामी 14 जुलाई को खुद मुख्यमंत्री सचिवालय में सहयोग शिविर लगाएंगे। इस दौरान वे सहयोग शिविर में आए लोगों की समस्याओं को सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार, यह पहल उन फरियादियों के लिए तैयार की गई है, जिनकी शिकायतें जिला प्रशासन या स्थानीय अधिकारियों के स्तर पर लंबित रह गईं या जिनके समाधान से वे संतुष्ट नहीं हैं।

ऐसे मामलों में अब चयनित आवेदकों को मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे शिकायतों के निपटारे की जवाबदेही बढ़ेगी और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक संवेदनशील बनेगी।

सहयोग पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन

इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक आवेदकों को बिहार सरकार के आधिकारिक ‘सहयोग’ पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय उन्हें जिला स्तर पर पहले से दर्ज शिकायत का रेफरेंस नंबर और उसी समय पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी के सत्यापन के बाद ही आवेदन मान्य माना जाएगा।

ऑनलाइन प्राप्त सभी आवेदनों की जांच की जाएगी और पात्र आवेदकों का चयन किया जाएगा। जिन लोगों को कार्यक्रम में बुलाया जाएगा, उन्हें तारीख, समय और स्थान की जानकारी एसएमएस के जरिए भेजी जाएगी। यानी केवल चयनित आवेदक ही मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकेंगे।

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