अतीश दीपंकर, भागलुपर। सीएम सम्राट चौधरी आज रविवार को भागलपुर दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने क्षतिग्रस्त हुए विक्रमशील सेतु का निरीक्षण किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, 30 नवंबर से यह पुल स्थायी रूप से चालू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, जब तक यह पुल स्थायी रूप से चालू नहीं हो जाता, तब तक लोगों और गाड़ियों को गंगा पार करने के लिए सारी व्यवस्था सरकार की तरफ से मुफ्त में होगी।

30 नवंबर को खुद चालू करूंगा पुल- सीएम सम्राट

सीएम सम्राट ने आगे कहा कि, अभी तक दो एजेंसियों ने पुल की जांच की है। अभी तीसरी एजेंसी भी पुल की जांच करेगी। उन्होंने बताया कि अभी पुल का तीन स्लैब बदलना है, जिसके बाद पुल का मरम्मत पूर्ण रूप से हो पाएगा। उन्होंने कहा कि, मैं खुद 30 नवंबर को आऊंगा और पुल को चालू करूंगा। बता दें कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार भागलपुर पहुंचे हैं।

3 मई की रात गिरा था पुल का स्लैब

गौरतलब है कि बीते 3 मई की रात 12:30 बजे आसपास भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। विक्रमशिला पुल के पाया नंबर 133 का एक स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया। हालांकि गनीमत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार के जान-माल की कोई क्षति नहीं पहुंची।

मिली जानकारी के अनुसार पहले विक्रमशिला पुल के पाया नंबर 133 पोल के पास धंसाव हुआ, जिसकी जानकारी मिलने के तुरंत बाद गाड़ियों के आवागमन को बंद कर दिया गया था। इसके कुछ देर बाद ही पुल का वह हिस्सा (133-134 के बीच का) स्लैब टूटकर नदी में गिर गया था। पुल के गिरने पर सरकार ने इसे 3 महीने में रिकवर करने की बात की थी। फिलहाल टूटे हुए हिस्से पर बेली ब्रिज का निर्माण कराया गया है, जिससे छोटे वाहन और लोग आ और जा रहे हैं।

विभिन्न विकास योजनाओं का किया उद्घाटन

बता दें कि भागलपुर दौरे पर पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी ने जिला समाहरणालय में विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि, विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने हेतु सरकार निरंतर कार्यरत है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नेदीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय जिला वर्ग में सत्र को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संगठन में कार्यकर्ताओं की भूमिका और सरकार के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देवतुल्य एवं आत्मीय कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत चर्चा की।

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