कुंदन कुमार, पटना। हर साल 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। यह दिन मजदूरों की मेहनत और अधिकारों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इसके साथ ही यह हमें समानता, सुरक्षित कामकाजी माहौल और श्रमिक अधिकारों के महत्व की याद दिलाता है। मजदूर दिवस के मौके पर सीएम सम्राट चौधरी और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत बिहार के कई नेताओं ने शुभकामनाएं दी हैं।
‘आपका परिश्रम ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत’
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पस सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया एक्स पोस्ट के माध्यम से देश की प्रगति की मजबूत नींव रखने वाले सभी मेहनतकश श्रमिक भाइयों और बहनों को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि, आपका परिश्रम, समर्पण और संघर्ष ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत है। आइए, हम सभी मिलकर आपके सम्मान, अधिकार और सशक्त भविष्य के लिए संकल्प लें।
‘राष्ट्र का मजबूत स्तंभ है श्रमिक वर्ग’
वहीं, इस अवसर पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने अपने संदेश में कहा कि, श्रमिक वर्ग हमारे समाज और राष्ट्र की प्रगति के मजबूत स्तंभ हैं। उनके कठिन परिश्रम समर्पण और अर्थक प्रयासों से ही विकास की इमारत खड़ी होती है। यह दिवस हमें श्रमिकों के अधिकारों के सम्मान और उनके कल्याण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का स्मरण करवाता है।
उन्होंने कहा कि, बिहार में लगातार सरकार के द्वारा श्रमिकों के लिए नई-नई योजनाएं चलाकर उनके कल्याण का काम किया जाता है। श्रम संसाधन विभाग कुशल श्रमिकों को समय-समय पर योजनाओं का लाभ भी देती है। साथ ही उन्हें ट्रेनिंग भी दिया जाता है। आज के दिन हम लोग संकल्प लें कि श्रमिकों को उचित सम्मान सुरक्षित कार्य परिस्थितियों और उनके अधिकारों का पूर्ण रक्षा सुनिश्चित करेंगे।
मजदूरों के लिए समर्पित है आज का दिन
बता दें कि हर साल 1 मई को भारत समेत कई देशों में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 19वीं सदी के आंदोलन से हुई थी। आज का दिन मजदूरों और श्रमिक वर्ग को समर्पित है। इस दिन हम श्रमिक वर्ग की उपलब्धियों को और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करते हैं, जो उनके अधिकारों और महत्वता की याद दिलाता है। मजदूर दिवस के मौके पर श्रमिक संगठनों द्वारा जगह-जगह रैलियां निकाली जाती हैं। वहीं, सरकारों की ओर से भी सभाएं व सम्मेलन कर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
बिहार में बड़े पैमाने पर बाहर काम करते हैं श्रमिक
बिहार जैसे राज्य में बड़ी संख्या में लोग दिहाड़ी मजदूरी और बाहर जाकर काम करने पर निर्भर हैं। ऐसे में मजदूर दिवस सिर्फ एक औपचारिक दिन नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और हक की बात करने का मौका भी है। सरकार की ओर से मजदूरों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें श्रमिक पंजीकरण, बीमा और आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, जमीनी स्तर पर अब भी कई मजदूर इन योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
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