CM Suvendu Adhikari PA Chandranath Rath Murder Case: सीएम सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड केस में नया मोड़ आ गया है। चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बंगाल पुलिस ने जिस आरोपी राज सिंह को गिरफ्तार किया था। उसे रिहा कर दिया गया है। मामले में गिरफ्तार राज सिंह को पुलिस ने गलत पहचान में गिरफ्तार किया था, अब उसे छोड़ दिया गया है। गलती यूपी पुलिस से हुई थी। हालांकि इस मामले में असली आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
11 मई को अयोध्या पुलिस की मदद से राज सिंह को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, इससे पहले कोलकाता पुलिस ने बक्सर से दो अन्य आरोपी विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को गिरफ्तार किया था। इन दोनों से पूछताछ के बाद ही राज सिंह को अरेस्ट किया था।
बलिया के रसड़ा निवासी राज को सीबीआई ने मुजफ्फरनगर के छपार टोल से अरेस्ट किया था। सीबीआई ने पूछताछ के बाद पहले गिरफ्तार हुए राज को गलत पहचान का मामला बताते हुए रिहा कर दिया। गलत पहचना में गिरफ्तार राजा सिंह फेसबुक पर रील बनाचता है। उसे रिहा कर दिया गया है। बाद में पुलिस असली आरोपी राज सिंह को गिरफ्तार करने में सफल हुई।

इस कारण पुलिस को हुई गलतफहमी
दरअसल सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में गिरफ्तार हुए राज सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। फेसबुक पर राज सिंह ने वीडियो जारी कर धमकाते हुए कहा था, हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। 21 सेकंड के वीडियो में राज सिंह ने कहा, जय श्रीराम बहुत जल्द ही सबको जवाब दिया जाएगा। कृपया थोड़ा धैर्य बनाकर रखें। इसके बाद पुलिस ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया था।
6 मई को हुई थी हत्या
बता दें कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के 48 घंटे बाद 6 मई को के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के दोहरिया इलाका में बुधवार रात 10.30 बजे भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात से पहले एक कार काफी देर चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो का पीछा कर रही थी। अचानक कार सुवेंदु अधिकारी के पीए के कार को ओवर टेक कर आगे आ जाती है। ऐसे में चंद्रनाथ की कार की भी स्पीड स्लो हो जाती है। इसी दौरान एक बाइक पर सवार होकर भी एक युवक आता है। इसके बाद चंद्रनाथ कर की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर देता है। रात में ताबड़तोड़ गोलिय़ों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठता है। गोलियों की आवाज, जब शांत होती है तो चीख पुकार मच जाती है। अपराधी 10 राउंड फायरिंग करता है। फायरिंग में चंद्रनाथ कर का सीना, सिर और पेट सब छलनी हो जाता है। उन्हें कई गोलियों लगती है। पांच गोली तो सिर्फ सीने में ही लगती है। एक गोली उनके पेट में लगती है। इससे चंद्रनाथ कर की मौत घटनास्थल पर ही हो जाती है। वहीं उनके ड्राइवर और सुरक्षा गार्ड भी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। दोनों का इलाज चल रहा है।
हमले में ऑस्ट्रेलियन ग्लॉक पिस्टल का इस्तेमाल
हमले में ऑस्ट्रेलियन ग्लॉक (Glock) पिस्टल का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, जांचकर्ताओं ने आगाह किया है कि सटीक हथियार की पुष्टि केवल फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो पाएगी। सूत्रों ने कहा कि फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा कि हमले में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया था। घटनास्थल से मिले दृश्यों में कार की खिड़की पर गोलियों के निशान दिखाई दिए, जो हमले की भयावहता को दर्शाते हैं। जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की हैं।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ को अधिकारी का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था और वे कई सालों से उनके साथ करीब से जुड़े हुए थे। वे राजनीतिक कामों में सक्रिय रूप से शामिल थे, जिसमें हाई-प्रोफ़ाइल भवानीपुर चुनाव भी शामिल है। बीजेपी की सीनियर लीडर कीया घोष ने दावा किया कि चंद्रनाथ को उनकी सियासी भूमिका की वजह से निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, “चंद्रनाथ ने सुवेंदु अधिकारी के लिए बहुत मेहनत से काम किया। यह कोई अचानक हुई घटना नहीं है। इस हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश हो सकती है।
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