सतीश सिंह, लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समरसता, सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का महापर्व बताया है. ‘योगी की पाती-9’ के जरिए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और कांवड़ यात्रियों से यात्रा की गरिमा बनाए रखने के साथ समाज के अन्य लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखने की अपील की है.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा में शामिल हर शिवभक्त की पहचान एक ही होती है- कांवड़िया. भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और मन में भगवान शिव के प्रति आस्था इस यात्रा को विशिष्ट बनाती है. यात्रा के दौरान जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्र और आर्थिक स्थिति के भेद पीछे छूट जाते हैं.

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कांवड़ यात्रा में दिखती है सामाजिक समरसता

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति में समभाव और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण है. यह यात्रा लोगों को एक-दूसरे के सहयोग और सेवा के लिए प्रेरित करती है. उनके मुताबिक, कांवड़ यात्रा में तप, आत्मसंयम, सेवा और परस्पर सहयोग का भाव दिखाई देता है. योगी ने कहा कि तप से चरित्र मजबूत होता है, सेवा से समाज का कल्याण होता है और एकता से राष्ट्र मजबूत होता है. यही भावना कांवड़ यात्रा को धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी माध्यम बनाती है.

दिव्यांग कांवड़ियों के समर्पण को किया नमन

मुख्यमंत्री ने उन शिवभक्तों का विशेष उल्लेख किया, जो शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद कांवड़ यात्रा पूरी करते हैं. इनमें दिव्यांग श्रद्धालु भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इन श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास और समर्पण सभी के लिए प्रेरणा है. योगी के मुताबिक, कठिन परिस्थितियों में भी कांवड़ लेकर चलने वाले शिवभक्त आत्मविश्वास, अनुशासन और आस्था की मिसाल पेश करते हैं. उनकी यात्रा समाज को धैर्य और सेवा का संदेश देती है.

शिवभक्तों के लिए सरकार ने किए व्यापक इंतजाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक शिवभक्त की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सुविधा, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए गए हैं. यात्रा की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं. साथ ही कई स्थानों पर कांवड़ियों के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा की व्यवस्था भी की गई है. सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को रास्ता देना भी सेवा

योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों से यात्रा के दौरान अनुशासन और संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि यदि यात्रा मार्ग पर एंबुलेंस या विद्यालय का वाहन आए तो उसे प्राथमिकता से रास्ता दिया जाए. मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देते हुए पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाने और प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प लेने की अपील की.

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उन्होंने कहा कि सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन यात्रा की गरिमा बनाए रखना समाज की भी जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने संदेश दिया कि श्रद्धा के साथ अनुशासन, भक्ति के साथ सेवा और आस्था के साथ संवेदनशीलता ही कांवड़ यात्रा की वास्तविक आत्मा है.