लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश जारी है. आज सोमवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने ललितपुर और महोबा में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं कई जिलों में तेज बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. वाराणसी, सहारनपुर समेत कई इलाकों में रविवार रात और सोमवार सुबह जमकर बारिश हुई.
गंगा-यमुना समेत कई नदियां उफान पर, घाटों तक पहुंचा पानी
लगातार हो रही मानसूनी बारिश के चलते प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. गंगा, यमुना, शारदा और सरयू समेत 10 से ज्यादा नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं. मथुरा में यमुना नदी का पानी घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच गया है. वृंदावन के प्रसिद्ध केशीघाट परिक्रमा मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है.
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हालात यह हैं कि श्रद्धालु करीब एक फीट पानी के बीच से होकर परिक्रमा करने को मजबूर हैं. वहीं कानपुर के बिठूर स्थित ब्रह्मावर्त घाट पर गंगा का पानी बढ़ने से ‘ब्रह्मा की खूंटी’ मंदिर की खूंटी भी पानी में डूब गई है.
काशी के घाटों पर बढ़ा जलस्तर, मणिकर्णिका घाट तक पहुंचा गंगा का पानी
वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. गंगा का पानी मणिकर्णिका घाट तक पहुंच गया है. शहर के सभी 84 घाटों को जोड़ने वाले रास्ते पानी में डूब गए हैं. रविवार रात हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली. प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है. घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है.
फर्रुखाबाद और बिजनौर में बाढ़ जैसे हालात, गांवों में चल रही नाव
बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में मुश्किलें बढ़ गई हैं. फर्रुखाबाद में गंगा नदी का पानी 36 गांवों तक पहुंच गया है. कई गांवों में लोगों के आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है. बिजनौर में पिछले 11 दिनों से गंगा का पानी स्टेट हाईवे के ऊपर से बह रहा है. जिले के 12 गांव बाढ़ की चपेट में हैं. ग्रामीण इलाकों में हालात बिगड़ने के बाद कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं.
अगले तीन दिन दक्षिणी यूपी में सक्रिय रहेगा मानसून
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम यूपी पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है. मानसूनी रेखा दिल्ली और आगरा होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है. इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है.
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मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में मानसून ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है. इस दौरान कई स्थानों पर बारिश, गरज-चमक के साथ बौछारें और कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है.


