Rajasthan Congress: राजस्थान कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। गहलोत चौथी बार के नारों से शुरू हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भले ही पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी से इनकार कर रहे हों, लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस नेता संदीप सिंह चौधरी के हालिया बयानों ने सियासी चर्चाओं को फिर हवा दे दी है।

संदीप चौधरी की पोस्ट से बढ़ी चर्चा

डोटासरा के बयान के अगले ही दिन कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व राज्यमंत्री संदीप सिंह चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। इसमें लिखा था, ऐरे-गैरे नत्थू-खैरे कुछ बन जाते हैं तो पागल हो जाते हैं। संदीप चौधरी को अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है। ऐसे में उनके इस पोस्ट को कांग्रेस के भीतर चल रही सियासी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।

डोटासरा ने क्या कहा था?

इससे पहले जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके काम की सराहना की है। इसलिए उन्हें ऐरे-गैरे नत्थू-खैरे से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। डोटासरा के इस बयान के बाद पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई। अब संदीप चौधरी की पोस्ट को उसी बयान की प्रतिक्रिया माना जा रहा है, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।

गहलोत चौथी बार के नारों से शुरू हुआ विवाद

हाल ही में बांसवाड़ा से आए कार्यकर्ताओं की अशोक गहलोत से मुलाकात के दौरान गहलोत चौथी बार के नारे लगे थे। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि, अशोक गहलोत ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और उनके तथा डोटासरा के बीच किसी तरह की नाराजगी नहीं है।

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