कुंदन कुमार/पटना। प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी उस वक्त अचानक हिंसक झड़प में बदल गई, जब दो प्रमुख दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। राजधानी स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस दौरान जमकर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया। इस खूनी संघर्ष में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह का सिर फूट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

​कैसे भड़की हिंसा और क्या रहे आरोप?

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जो कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। बीजेपी और भाजयुमो कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे, लेकिन कांग्रेस कार्यालय के भीतर से अचानक उन पर हमला बोल दिया गया।
​घायल भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह और उनके समर्थकों ने सीधे तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कांग्रेसियों ने सुनियोजित तरीके से लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर उन पर हमला किया। इस हमले में जितेंद्र सिंह के सिर पर गंभीर चोट आई और उनका खून बहने लगा जिसके बाद उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया।
​दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने इस पूरी घटना के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस पक्ष का कहना है कि बीजेपी के लोग जानबूझकर उकसाने की नीयत से उनके कार्यालय के बाहर पहुंचे थे और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे।

​पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारियां

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और भारी पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों के उग्र कार्यकर्ताओं को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस हिंसक झड़प में शामिल कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को मौके से हिरासत में ले लिया और उन्हें थाने ले जाया गया।
​फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और मौके पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हिंसा भड़काने वाले मुख्य आरोपियों की पहचान की जा सके।

​इलाके में भारी पुलिस बल तैनात और राजनीतिक सरगर्मी तेज

​इस घटना के बाद से कांग्रेस कार्यालय और उसके आसपास के इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। सुरक्षा के लिहाज से और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात कर दिया गया है।
​इस घटना के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेता एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। विपक्षी दल इस कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि हिंसा फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।