सोनीपत: कांग्रेस पार्टी ने अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने और वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करने के आरोप में कुलदीप खासा और सत्यबीर निर्माण को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही दोनों को पार्टी में दिए गए पदों से मुक्त कर दिया है।


इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने बताया कि दोनों नेता लंबे समय से पार्टी की नीतियों के विपरीत कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व या पदाधिकारियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करे अथवा संगठन की छवि को धूमिल करे।


कमल दिवान ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस एक अनुशासित संगठन है और पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी या विरोध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी मंच पर अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं, लेकिन मीडिया या अन्य माध्यमों के जरिए सार्वजनिक रूप से नेतृत्व को निशाना बनाना सीधे तौर पर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। पार्टी की इस कार्रवाई के बाद कार्यकर्ताओं को आगामी कार्यक्रमों में पूरी एकजुटता के साथ जुटने के निर्देश दिए गए हैं।