शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा बस दुर्घटना मामले में कांग्रेस ने परिवहन मंत्री से इस्तीफा मांगा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने कहा- यह हादसा नहीं हत्या है। मध्यप्रदेश में बगैर फिटनेस की बसें चल रही है। सरकार की सभा में ही बिना फिटनेस की बसों से ले जाया जा रहा है। फिटनेस की जांच नहीं की जा रही। जानवरों की तरह ठूंस के जनता को ले जा रहे हैं। यह सरकारी तंत्र के द्वारा की गई हत्या है। जो एक्सीडेंटल मुआवजा दिया जाता है, हर बार यही मुआवजा यही जांच और अपराधी बच जाते हैं।
कलेक्टर और एमपी पर हत्या का मामला
सीधा सवाल है क्या सरकार में बैठे अधिकारी नशे में रहते हैं। जान का जिम्मेदार आखिर कौन है। विदाउट फटनेस की बहुत सारी बसें उसे कार्यक्रम में थी। कम से कम हर एक को 50-50 लाख का मुआवजा दिया जाना चाहिए। मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए. कलेक्टर और एमपी पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। जब तक ऐसे कदम नहीं उठाएंगे। रोज ऐसे लोगों की जान जाती रहेगी।
कानूनगो अधिकारों की बात नहीं करते
इकबाल वाले बयान पर कहा- प्रियंक कानूनगो का मानसिक संतुलन खराब है। सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा लिखने वाले शायर जिन्होंने कलम के माध्यम से अंग्रेजों की नींद उड़ाई, उनपर राजनीति को जा रही है। बीजेपी और आरएसएस के पूर्वज आजादी के वक्त मुस्लिम लीग के साथ रहे थे। भारत छोड़ो का विरोध कर रहे थे। 1942 में करो या मरो का नारा का नारा का विरोध करने वालों को आज शर्म नहीं आती। यह अपने पूर्वजों को वीर बताते हैं। कानूनगो को पद दिया मानव अधिकार आयोग का, लेकिन अधिकारों की बात नहीं करते, सिर्फ नफरत की बात करते हैं और यह नफरत की विचारधारा है। हिंदू मुसलमान करने से कुछ नहीं मिलेगा।

