शशांक द्विवेदी, खजुराहो। नारी शक्ति वंदन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला विरोधी रहा है। उन्होंने प्रियंका गांधी को लेकर कहा कि जब कांग्रेस को अपनी बेटी आगे लाने के लिए इतना समय लग सकता है, तो भारतवर्ष की मातृ शक्ति के लिए कांग्रेस क्या चिंतन कर सकते है। दशकों से कांग्रेस महिला आरक्षण के नाम पर धूल झोंक रही है।
मोदी के नेतृत्व में 2029 में नारी शक्ति वंदन को लागू करने का प्रयास
एच डी देवगौड़ा की सरकार के समय भी यह बिल पास होने के लिए आया था और पास भी हुआ, लेकिन जिस दिन बिल पेश होने को आया तो उस दिन सरकार गिर गई। कांग्रेस ने कभी भी इस विचार को आगे आने नहीं दिया लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2029 में नारी शक्ति वंदन को लागू करने का प्रयास कर रही है।
महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित की जाएंगी
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल 2023) भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित की जाएंगी। 128वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के रूप में पेश यह कानून महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाकर, 2029 तक उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबरी का हक दिलाने और एक विकसित भारत की नींव रखने का लक्ष्य रखता है।

