कुमार इंदर, जबलपुर। मध्यप्रदेश में कांग्रेस आईटी सेल के कार्यकर्ताओं के हिरासत मामले में बिना वैधानिक प्रक्रिया के राजस्थान पुलिस को सौंपने पर जबलपुर हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। हाईकोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए है। कोर्ट ने भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े किए है।
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CCTV सुरक्षित करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने कहा- बिना न्यायिक आदेश और ट्रांजिट रिमांड के दूसरे राज्यों की पुलिस को सौंपना अवैध है। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी वाली जगह के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने के निर्देश दिए है। कोर्ट ने 20 अप्रैल रात 2 बजे से 21 अप्रैल शाम 5 बजे तक के CCTV सुरक्षित करने के निर्देश दिए है।
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पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का फर्जी लेटर वायरल करने का आरोप
तीनों युवकों को 27 अप्रैल को हर हाल में पेश करने के निर्देश दिए है। कांग्रेस नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने आपत्ति जताई थी। तीनों युवकों पर राजस्थान के पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया का महिला आरक्षण का फर्जी लेटर वायरल करने का आरोप है। बिलाल, निखिल और इनाम को राजस्थान पुलिस जयपुर लेकर पुलिस पहुंची हुई है। राजस्थान पुलिस ने भोपाल के तीन युवकों को हिरासत में लिया है। जयपुर के ज्योति नगर थाना क्षेत्र में तीनों युवकों पर मामला दर्ज हुआ है
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