कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। एमपी के ग्वालियर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस विधायक और महापौर आमने सामने आ गए है। हैरानी यह है कि दोनों पति-पत्नी है। महिला महापौर ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। वहीं कांग्रेस विधायक ने इसे सिर्फ राजनीति करार दिया है।
मेयर ने बताया ऐतिहासिक कदम
दरअसल, आज संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया गया, जिसके जरिये 33 फीसदी आरक्षण महिलाओं को मिलेगा। इसको लेकर ग्वालियर से कांग्रेस महापौर डॉ शोभा सिकरवार का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि यह महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम है। देश में महिलाओं को शक्ति रूप माना जाता है। ऐसे में पीएम मोदी ने यह कदम उठाकर महिलाओं को उनका अधिकार दिलाया है।
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कांग्रेस विधायक बोले- जल्दबाजी में है बीजेपी
वहीं पति व कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिकरवार अपनी पत्नी महापौर की सोच के ठीक विपरीत खड़े नजर आए। उनका कहना है कि मोदी सरकार ने यह कदम महिलाओं को आरक्षण देने नहीं बल्कि परिसीमन के लिए लाया मुद्दा है। विधायक सिकरवार का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी बहुत जल्दबाजी में है।
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लोकतांत्रिक संतुलन बिगाड़ने का आरोप
सतीश सिकरवार ने कहा कि अभी जनगणना चल रही है, ऐसे में एक ओर महिलाओं को आरक्षण देने की बात मोदी सरकार कर रही है, वहीं दूसरी ओर परिसीमन के जरिए लोकतांत्रिक संतुलन बिगाड़ना चाहती है। बहरहाल महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी के ही यह दोनों जनप्रतिनिधि जो कि आपस में पति-पत्नी भी है पूरी तरह से आमने-सामने नजर आ रहे हैं।

