अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। सासाराम से कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने चीनी के बढ़ते दाम और महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, वर्तमान की सरकार ने गांव में भी लोगों को चाय पीने पर भी आफत कर दी है। सांसद ने कहा कि, पहले जहां गांव में जाने पर लोग चाय पिलाते थे, चाय पीने के लिए ऑफर करते थे। लेकिन चीनी के दाम अब इतने बढ़ गए हैं कि अब लोग खातिरदारी करने के लिए चाय-पानी भी पूछना बंद कर देंगे।

चौक-चौराहों पर भी चाय पीना मुश्किल

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि, चीनी इतनी महंगी हो गई है कि विभिन्न चौक चौराहों पर मिलने वाली चाय भी पीना इस सरकार ने मुश्किल कर दिया है। उन्होंने कहा कि, जिस गन्ने से चीनी बनती थी, सरकार उसका उपयोग पेट्रोल में करने लगी है। इसका परिणाम यह हुआ कि चीनी की कमी हो गई है। अब जबकि त्यौहार का मौसम आ रहा है। रक्षाबंधन, तीज, दशहरा का त्यौहार आ रहा है, तो चीनी के कारण मिठाइयां और पकवान भी महंगे हो गए हैं। बता दें कि बिहार और सासाराम में चीनी का दाम 75 रुपए किलो बिक रहा है।

चीनी के बढ़ते दाम पर नेताओं का बयानबाजी जारी

बता दें कि चीनी की बढ़ी कीमत और महंगाई को लेकर बिहार में सियासत जारी है। सत्ता पक्ष के नेता जहां चीनी के बढ़े दाम का बचाव करते हुए सरकार के पक्ष में बयान दे रहे हैं। वहीं, विपक्ष के नेता इस मुद्दे को लेकर लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं।

दिनेश लाल यादव ने बताया महंगाई कम करने का तरीका

कल 24 अगस्त को पटना पहुंचे भाजपा नेता और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव ने कहा कि, मुझे लगता है कि मैं जब से होश संभाला हूं, मैं अपनी बात बताता हूं, कभी मैंने ऐसा सुना नहीं कि महंगाई नहीं बढ़ी। अगर 90 के दशक में भी मैं कोई फिल्म देखा, तब भी मुझे यही गाना सुनाई दिया कि ‘सैंया तो बहुते कमात हैं, महंगाई डायन खाए जात है।’

दिनेश लाल यादव ने कहा कि, यह तो हम दशकों से सुन रहे हैं। यह कौन-सी नई बात है? तो जो मूल बात है, उसमें तो कोई बात करता नहीं है कि भाई, संसाधन उतना ही है और जनसंख्या बढ़ रही है, तो महंगाई बढ़ रही है। जनसंख्या पर कंट्रोल करो, महंगाई पर कंट्रोल हो जाएगी।

आम आदमी के हिस्से बचेगा सिर्फ जुमला- रोहिणी

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, महंगाई का आलम कुछ ऐसा है कि अब अपनी रसोई में आम आदमी सब्जी और भोजन नहीं सिर्फ महंगाई के आंकड़े पकाएगा। मोदी सरकार की मेहरबानी से जिस कदर से रोजमर्रा की जरूरत की हर एक चीज आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है, उसे देख कर अब कहा जा सकता है कि अब आम आदमी की रसोई में भोजन बनाने लायक कुछ नहीं रहेगा व बचेगा।

रोहिणी ने कहा कि, आम आदमी के हिस्से कुछ बचेगा तो वो सिर्फ और सिर्फ महंगाई घटाने का मोदी जी का जुमला बचेगा और आंखों में आंसू प्याज काटने से नहीं, बल्कि सिर्फ कीमत सुन कर ही आ जाएंगे।

ये भी पढ़ें- ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का शुभारंभ: CM सम्राट ने सुनीं छात्रों की समस्याएं, 30 दिन के अंदर समाधान का निर्देश