कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की सियासत में बयानों के तीर एक बार फिर तेज हो गए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक महीने के कार्यकाल को लेकर उन पर चौतरफा हमला बोला है। राठौड़ ने मुख्यमंत्री के अब तक के कार्यकाल को पूरी तरह से ‘विनाशकारी’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े वादे करके सत्ता में आई सरकार जमीनी स्तर पर हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।

​अपराध बेलगाम, रोजगार पर कोई विजन नहीं

​मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पिछले एक महीने में कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हो गई है। मुख्यमंत्री अपराधियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। इसके अलावा, युवाओं के भविष्य को लेकर भी सरकार के पास कोई स्पष्ट नीति नहीं है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि सूबे के युवाओं को रोजगार देने के नाम पर सरकार केवल समय काट रही है और रोजगार को लेकर अब तक कोई ठोस रोडमैप तैयार नहीं किया जा सका है।

​उद्योग धंधे ठप, फाइलों में उलझा विकास

​राजेश राठौड़ ने बिहार के औद्योगिक विकास को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक भी कदम नहीं उठाया गया है। विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सरकार में केवल ‘विमर्श’ का नाटक चल रहा है। विमर्श और बैठकों के नाम पर सरकारी फाइलों को लगातार लटकाया जा रहा है, जिससे विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।

​भाषण और राशन के खेल को देख रही जनता

​कांग्रेस प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी का भाषण तो बहुत अच्छा और लोक-लुभावन होता है, लेकिन जब बात धरातल पर काम करने की आती है, तो नतीजा सिफर रहता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री की कथनी और करनी का अंतर अब साफ हो चुका है। सरकार की इस सुस्त और दिशाहीन कार्यशैली को बिहार की जनता बहुत करीब से देख रही है और वक्त आने पर इसका करारा जवाब देगी।