कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के अचानक कर्नाटक दौरे ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। प्रदेशाध्यक्ष ने कर्नाटक पहुंचकर हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष तथा विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) नियुक्त होने पर शुभकामनाएं दीं।
प्रदेशाध्यक्ष ने मुलाकात के बाद कहा कि बीके हरिप्रसाद का लंबा राजनीतिक अनुभव, संगठनात्मक क्षमता और कांग्रेस की विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कर्नाटक में पार्टी संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने उनके सफल कार्यकाल की कामना भी की।
हालांकि मुलाकात को आधिकारिक तौर पर शिष्टाचार भेंट और बधाई तक सीमित बताया गया है, लेकिन हरियाणा की राजनीति में इसके राजनीतिक मायने भी तलाशे जा रहे हैं। कांग्रेस संगठन में इन दिनों विभिन्न स्तरों पर गतिविधियां तेज हैं और ऐसे समय में प्रदेशाध्यक्ष का अचानक कर्नाटक पहुंचना कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हरियाणा कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे, आगामी रणनीतियों और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई हो सकती है। हालांकि इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
दिलचस्प बात यह है कि बीके हरिप्रसाद लंबे समय से हरियाणा कांग्रेस के मामलों से जुड़े रहे हैं और प्रदेश संगठन में होने वाले महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भूमिका प्रभावशाली मानी जाती है। ऐसे में प्रदेशाध्यक्ष और प्रभारी की यह मुलाकात केवल औपचारिक बधाई तक सीमित थी या इसके पीछे कोई व्यापक संगठनात्मक मंथन भी हुआ, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर जारी है।
फिलहाल कांग्रेस नेताओं की ओर से इसे सामान्य शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन हरियाणा की राजनीति में अचानक हुए इस कर्नाटक कनेक्शन ने चर्चाओं का बाजार जरूर गर्म कर दिया है। अब राजनीतिक नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में कांग्रेस संगठन में कोई नई हलचल या बड़ा फैसला देखने को मिलता है या नहीं।

