अजयारविंद नामदेव, शहडोल। एमपी के शहडोल जिले के ब्यौहारी में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन उस समय अनोखे मोड़ पर पहुंच गया, जब अपनी 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपने पहुंचे कांग्रेस नेताओं को कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला। काफी देर तक इंतजार और धरना-प्रदर्शन के बाद भी जब तहसीलदार सहित कोई सक्षम अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, तो नाराज कांग्रेसियों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए एक आवारा कुत्ते को ही प्रतीकात्मक रूप से ज्ञापन सौंप दिया।
नगर परिषद में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को लेकर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अब कुत्ते को ज्ञापन सौंपने का यह विरोध पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ब्यौहारी द्वारा नगर परिषद क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और कथित भ्रष्टाचार सहित 13 सूत्रीय मांगों को लेकर आमसभा और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। अधिकारियों की गैरमौजूदगी से आक्रोशित कांग्रेसियों ने नगर परिषद गेट के सामने सड़क पर धरना शुरू कर दिया और जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है और जनप्रतिनिधियों की बात सुनने तक को तैयार नहीं है।
धरने के दौरान कांग्रेसियों ने पहले चेतावनी दी थी कि यदि कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया तो वे आवारा कुत्ते को ज्ञापन सौंपेंगे। काफी इंतजार के बाद जब कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक आवारा कुत्ते को प्रतीकात्मक रूप से ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस अनोखे प्रदर्शन को देखने बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ब्यौहारी के अध्यक्ष सत्येंद्र त्रिपाठी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता के कारण कांग्रेस को यह प्रतीकात्मक विरोध करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।नगर परिषद ब्यौहारी में कांग्रेसियों का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

