अमेरिका के अटलांटा में शनिवार को क्वाड की तीसरी बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जरूरी खनिजों और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने सहमति जताई. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को क्वाड के लिए पसंद की आज़ादी, मज़बूत सप्लाई चेन और नॉन-मार्केट तरीकों के खिलाफ़ कार्रवाई को प्राथमिकता बताया.

क्वाड विदेश मंत्रियों की यह बैठक शनिवार को अटलांटा में जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर आयोजित की गई. इसकी मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की.

जयशंकर ने अटलांटा में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेते हुए कहा कि उन्होंने गैर-बाजारी गतिविधियों का मुकाबला करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते आर्थिक दबावों से निपटने के तरीकों पर चर्चा की. अटलांटा में क्वाड विदेश मंत्रियों की मीटिंग के बाद X पर एक पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि  “इंडो-पैसिफिक में स्थिरता बनाए रखना, खुशहाली लाना और चुनने की आज़ादी पक्का करना हमारे लगातार कमिटमेंट हैं,” 

ये सारी बातें उन्होंने US सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग के सामने रखी थीं.

इस साल हुई अपनी तीसरी बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने इंडो पैसिफिक क्षेत्र में भरोसेमंद AI तकनीक की पहुंच बढ़ाने के लिए 85 मिलियन अमेरिकी डॉलर की तकनीकी मदद देने की इच्छा जताई.

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शनिवार को ‘क्वाड’ देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने हिंद प्रशांत क्षेत्र में गैर-बाजार प्रथाओं का मुकाबला करने और बढ़ते आर्थिक दबावों के बारे में चर्चा की. चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भरोसेमंद AI तकनीक के लिए 85 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद देने का प्रस्ताव रखा.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m