चीन की अदालत ने पूर्व स्थानीय अधिकारी यांग योलिन को 30 वर्षों में 2.21 अरब युआन की रिश्वत लेने, गबन, पद के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई. यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत की गयी है जिसमें गबन, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामले आते है. चांगझोउ इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने सोमवार को मौत की सजा सुनाई.

अदालत ने अफसर की संपत्ति जब्त करने और अवैध धन की वसूली के आदेश भी दिए गए. यह कार्रवाई शी चिनफिंग के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के तहत हुई, जिसमें यांग पर गबन और पद के दुरुपयोग के भी आरोप थे.

चीन की एक कोर्ट ने सोमवार 6 जुलाई 2026 को एक पूर्व स्थानीय अधिकारी को रिश्वत लेने के मामले में मौत की सजा सुनाई. अधिकारी का नाम यांग यौलिन है. उसने करीब 30 साल तक अपने पद का दुरुपयोग कर भारी मात्रा में रिश्वत के जरिए 325 मिलियन अमेरिकी डॉलर या करीब 3 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाई थी.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत यांग यौलिन की जांच की गई, जिसमें सैन्य रैंकों और उच्च स्तरीय बैंकिंग सहित अन्य क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है.

चीन की अदालत ने कहा कि आर्थिक विकास से जुड़े पूर्व अधिकारी यांग योलिन ने वर्ष 1993 से 2023 के बीच अवैध रूप से 2.21 अरब युआन मूल्य की संपत्ति रिश्वत के रूप में ली. वहीं, दूसरी ओर हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इस अभियान का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को हटाने के लिए भी किया गया है.

आपको बताते चले कि चीन में बीते लंबे वक्त से भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान चलाया जा रहा है. इसे शी चिनफिंग ने शुरू किया था. हालांकि आलोचक चिनफिंग के इस भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान को राजनीतिक विरोधियों को रास्ते से हटाने की साजिश करार दे रहे हैं.

चांगझोउ इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने बताया कि सुनवाई के दौरान यांग ने अपने अपराध स्वीकार किए और उन्होंने कहा है कि मुझे इस कृत्य पर गहरा पछतावा भी है.

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