दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने वर्ष 2018 के चर्चित हर्ष फायरिंग मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए बिहार के भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह (Raju kumar Singh) को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोषसिद्धि के बाद उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दिया। यह मामला 31 दिसंबर 2018 को दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक फार्महाउस में आयोजित न्यू ईयर पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग से जुड़ा है। घटना में एक महिला की मौत हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

अदालत ने राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 (भाग-2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी करार दिया है। धारा 304 (भाग-2) उन मामलों में लागू होती है जहां आरोपी को अपने कृत्य के संभावित घातक परिणामों की जानकारी होती है, लेकिन हत्या करने का स्पष्ट इरादा नहीं होता। वहीं, अदालत ने मामले में सह-आरोपी और विधायक की पत्नी रेनू सिंह समेत दो अन्य आरोपियों राना राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि नए साल की पार्टी जैसे भीड़भाड़ वाले माहौल में लाइसेंसी पिस्तौल से फायरिंग करना ऐसा कृत्य है, जिसके संभावित घातक परिणामों की जानकारी आरोपी को होनी चाहिए थी। अदालत ने कहा कि आरोपी द्वारा भीड़ के बीच गोली चलाना यह दर्शाता है कि उन्हें इस बात का ज्ञान था कि इस तरह की कार्रवाई से किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है। इसके बावजूद हथियार का इस्तेमाल किया गया, जो गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।

31 दिसंबर 2018 को हुआ था हादसा

यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है, जब वसंत कुंज स्थित राजू कुमार सिंह के फार्महाउस में न्यू ईयर पार्टी आयोजित की गई थी। पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में आर्किटेक्ट अर्चना गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उपचार के दौरान 3 जनवरी 2019 को उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने राजू कुमार सिंह और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया था। लंबी जांच और सुनवाई के बाद वर्ष 2023 में अदालत ने राजू कुमार सिंह, उनकी पत्नी रेनू सिंह तथा अन्य दो आरोपियों राना राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय किए थे। उस समय अदालत ने प्रथम दृष्टया माना था कि राजू कुमार सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 (भाग-2) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला बनता है। ताजा फैसले में अदालत ने उन्हें इन धाराओं के तहत दोषी करार दिया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सह-आरोपी रेनू सिंह, राना राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। इसी आधार पर तीनों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। मामला 31 दिसंबर 2018 की रात आयोजित एक न्यू ईयर पार्टी से जुड़ा है, जहां कथित हर्ष फायरिंग में आर्किटेक्ट अर्चना गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। बाद में 3 जनवरी 2019 को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। अदालत ने माना कि भीड़भाड़ वाले माहौल में हथियार का इस्तेमाल गंभीर लापरवाही को दर्शाता है और आरोपी को इसके संभावित घातक परिणामों का ज्ञान होना चाहिए था।

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