चंडीगढ़ में आयोजित दो दिवसीय सीपीए सम्मेलन में देशभर के पीठासीन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने की रणनीति बनी।
चंडीगढ़। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हरियाणा विधानसभा परिसर में द्वितीय राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र जोन II सम्मेलन का गरिमामयी उद्घाटन किया है। इस दौरान उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री महिपाल सिंह ढांडा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय समागम में हिस्सा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सतीश महाना, मध्य प्रदेश के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और पंजाब के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां सहित देश के कई राज्यों के गणमान्य पीठासीन अधिकारी पहुंचे हैं। यह सम्मेलन Commonwealth Parliamentary Association Conference के माध्यम से विधायी व्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा प्रयास है।
विकसित भारत का बड़ा संकल्प
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा की पावन भूमि पर सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारा सदन इस ऐतिहासिक पल का गवाह बन रहा है। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने वाले विधायी नेतृत्व पर विशेष जोर दिया। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि दो दिनों तक चलने वाले इस गहन वैचारिक संवाद और कार्य योजना से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के हमारे राष्ट्रीय लक्ष्य को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत से लेकर संसद तक फैली लोकतांत्रिक व्यवस्था भारत की सबसे बड़ी ताकत है और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी जनता की हर उम्मीद को तय समय में पूरा करने की है।
विधायिका और जनता की दूरी
हरियाणा के संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य मकसद विधायी कार्यों में आधुनिक तकनीक का समावेश करना तथा जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच की दूरी को न्यूनतम करना बेहद जरूरी है। इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य विषय भविष्य की बड़ी चुनौतियों से निपटने और वर्ष 2047 के विजन को साकार करने में विधि-निर्माताओं की सक्रिय भूमिका तय करना है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का औपचारिक समापन कल यानी 9 जून 2026 को हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष के समापन भाषण के साथ गरिमापूर्ण तरीके से किया जाएगा।

