कुंदन कुमार, पटना। पटना में बीते 22 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने पालीगंज से भाकपा माले विधायक संदीप सौरभ को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ आइसा के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय को भी गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने सबसे पहले संदीप सौरभ को उनके आवास से उन्हें हिरासत में लिया। बाद में उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। माले विधायक को बेउर जेल में रखा गया है।

संदीप सौरभ पर मारपीट और लूटपाट का भी आरोप

भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष नीरज कुमार ने भी सचिवालय थाने में संदीप सौरभ के खिलाफ मारपीट और लूटपाट को लेकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था। नीरज कुमार ने यह आरोप लगाया है कि 22 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे के करीब गोलंबर के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनपर लाठी-डंडे और रॉड से हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी जेब से नकदी और सोने की चेन और दो अंगूठियों के भी छीनने का आरोप लगाया। नीरज कुमार का आरोप है कि यह सब विधायक संदीप सौरभ द्वारा भीड़ को उकसाने पर किया गया है।

बिहार बंद का आह्वान, 19 लोग गिरफ्तार

नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की राजधानी दिल्ली से लेकर बिहार की राजधानी पटना तक बवाल मचा हुआ है। वाम दल से जुड़े छात्र संघ आइसा ने आज शनिवार (25, जुलाई) को बिहार बंद का आह्वान किया है। खास बात यह है कि इस बिहार बंद को सभी विपक्षी पार्टियों का भी समर्थन है। छात्र आज दोपहर 12 बजे अपनी मांगो को लेकर सड़क पर उतरेंगे।

उधर दूसरी तरफ बिहार बंद आह्वान के बीच पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शुक्रवार की देर रात कई हॉस्टलों और लॉज में छापेमारी कर भाकपा माले विधायक संदीप सौरभ, आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय, सचिव दीपांकर मिश्रा और उपाध्यक्ष सबा आफरीन समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार उन्होंने यह कार्रवाई पटना में बीते 22 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में की है।

अलर्ट मोड पर जिला प्रशासन और पुलिस

पटना में 22 जुलाई को हुए हिंसक प्रदर्शन और आज बिहार बंद आह्वान के बीच जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया हुआ है। डीएम कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने प्रदर्शनकारी छात्र संगठन के नेताओं से बातचीत भी की है। डीएम और एसपी का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अपनी बात को रखने का सभी को अधिकार है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के आड़ में हिंसा और तोड़ फोड़ के लिए कोई जगह नहीं है। यदि प्रदर्शन के दौरान कहीं से भी ऐसे मामले आते हैं, तो ऐसे असमाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ प्रशासन की ओर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बिहार बंद को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।

ये भी पढ़ें- Bihar Morning News: बिहार बंद! CM सम्राट की बड़ी सौगात, BJP और जन सुराज का पैदल मार्च