वीरेंद्र कुमार/नालंदा (बिहार): देश की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले सीआरपीएफ के वीर जवान मनीष कुमार का निधन हो गया है। मणिपुर के एक अस्पताल में अंतिम सांस लेने वाले मनीष कुमार लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके पार्थिव शरीर के पैतृक गांव एकंगरसराय प्रखंड के महुआबाग पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
24 वर्षों की गौरवशाली सेवा
मनीष कुमार ने भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों में रहते हुए देश की रक्षा में 24 वर्षों तक अतुलनीय योगदान दिया। उनकी शहादत की खबर सुनकर स्थानीय ग्रामीण और उनके परिजन स्तब्ध हैं। अंतिम संस्कार के दौरान पूरा महुआबाग गांव गमगीन रहा और हर किसी की आंखें नम थीं।
मंत्री श्रवण कुमार ने दी श्रद्धांजलि
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने महुआबाग गांव पहुंचकर शहीद जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया। मंत्री ने कहा कि, मनीष कुमार जैसे वीर जवान देश की अमूल्य धरोहर होते हैं। देश सेवा में दिए गए उनके बलिदान का ऋण कोई नहीं चुका सकता।
मंत्री ने आगे कहा कि वीर सैनिक कभी मरते नहीं, वे अपनी वीरता और त्याग के माध्यम से अमर हो जाते हैं। उनकी गौरव गाथा आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
सरकार का हर संभव सहयोग का आश्वासन
इस दुख की घड़ी में शहीद के माता-पिता को सांत्वना देते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार को सरकार की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शहादत से बड़ा कोई सम्मान नहीं होता और बिहार के सपूतों का बलिदान देश के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
इस मार्मिक अवसर पर जदयू नेता सर्वेश प्रसाद, ई. राजन कुमार, सुभाष प्रसाद सिन्हा, नगर अध्यक्ष राकेश कुमार, युवा जदयू अध्यक्ष धीरज पटेल समेत बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ता, स्थानीय प्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर नम आंखों से वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। मनीष कुमार का योगदान महुआबाग और पूरे नालंदा जिले के लिए हमेशा गर्व का विषय रहेगा।

