चंडीगढ़। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 39 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय दल ने कुल 39 पदक जीते, जिनमें बॉक्सिंग का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने 10 पदक अपने नाम किए, जिनमें 7 स्वर्ण पदक शामिल रहे।
हालांकि, प्रतियोगिता के 11वें और अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों से पदकों की संख्या 40 तक पहुंचाने की उम्मीद थी, लेकिन कोई भी एथलीट पदक नहीं जीत सका। इसके चलते भारत को 39 पदकों के साथ ही संतोष करना पड़ा।
39 पदकों के साथ ग्लासगो 2026 भारत का किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स में पांचवां सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बन गया है। इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 2010 के नई दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में रहा था, जब मेजबान भारत ने 101 पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। उस संस्करण में भारत ने 38 स्वर्ण, 27 रजत और 36 कांस्य पदक अपने नाम किए थे।
भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में रहा, जहां भारतीय दल ने 66 पदक जीते थे। इनमें 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य पदक शामिल थे।
वर्ष 2014 में ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 64 पदक जीतकर तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। उस संस्करण में भारतीय खिलाड़ियों ने 15 स्वर्ण, 30 रजत और 19 कांस्य पदक जीते थे।
भारत का चौथा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में रहा था, जहां भारतीय दल ने 61 पदक अपने नाम किए थे। इसके बाद अब ग्लासगो 2026 में 39 पदकों के साथ भारत का प्रदर्शन इतिहास में पांचवें स्थान पर दर्ज हो गया।
हालांकि पदकों की संख्या पिछले कुछ संस्करणों की तुलना में कम रही, लेकिन भारतीय मुक्केबाजों के दमदार प्रदर्शन और सात स्वर्ण पदकों ने इस अभियान को यादगार बना दिया।
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