दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में बसों का संचालन करने वाले सभी ऑपरेटरों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों और संचालन संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये निर्देश दिल्ली में चलने वाली दूसरे राज्यों में पंजीकृत बसों पर भी लागू होंगे। यानी राजधानी में यात्रियों को लेकर आने-जाने वाली सभी संबंधित बसों के ऑपरेटरों को सुरक्षा और संचालन के तय नियमों का पालन करना होगा। सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा और हिफाजत को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। सभी बस ऑपरेटरों को परिवहन विभाग की ओर से तय सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
VLTD और पैनिक बटन हर समय चालू रखना होगा
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखकर जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना सरकार की प्राथमिकता है। परिवहन मंत्री के निर्देश पर परिवहन विभाग ने सभी बस ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि बसों में लगे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन हर समय चालू और काम करने की स्थिति में रहें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पैनिक बटन यात्रियों की आसान पहुंच में होने चाहिए और हर समय ठीक से काम करने चाहिए, ताकि किसी आपात स्थिति में यात्री तुरंत मदद ले सकें।
दिल्ली सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश
दिल्ली सरकार ने बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई जरूरी निर्देश जारी किए हैं। सभी बसों में काम करने की स्थिति में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) और प्राथमिक उपचार किट रखना अनिवार्य किया गया है। बस ऑपरेटरों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि रात के समय या बसें खड़ी होने के दौरान उन्हें केवल अधिकृत, सुरक्षित और पर्याप्त रोशनी वाली जगहों पर ही पार्क किया जाए। इससे बसों में सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी। परिवहन विभाग ने कोर्ट के निर्धारित नियमों और निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके तहत बसों की खिड़कियों पर पर्दे या अनधिकृत फिल्म नहीं लगाई जा सकती। बसों के विंडशील्ड, पिछली खिड़कियों और साइड की खिड़कियों के लिए निर्धारित पारदर्शिता मानकों का भी सख्ती से पालन करना होगा।
ड्राइवर-कंडक्टर के लिए भी तय किए गए नियम
परिवहन विभाग के निर्देशों में ड्राइवर और बस स्टाफ की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की गई हैं। ड्राइवरों और अन्य कर्मचारियों को यात्रियों के साथ विनम्र और सम्मानजनक व्यवहार करना होगा। शराब या किसी अन्य नशे की हालत में बस चलाना सख्त प्रतिबंधित रहेगा। ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, निर्धारित यूनिफॉर्म और जहां जरूरी हो, PSV बैज होना अनिवार्य है। इसी तरह कंडक्टर के पास वैध कंडक्टर लाइसेंस, यूनिफॉर्म और आवश्यक होने पर PSV बैज होना चाहिए।
स्टाफ का वेरिफिकेशन अनिवार्य
बस ऑपरेटरों को ड्राइवर, कंडक्टर, अटेंडेंट और अन्य कर्मचारियों को नियुक्त करने से पहले उनका नियमों के मुताबिक उचित सत्यापन कराना होगा। जहां आवश्यक हो, बस में एक अधिकृत अटेंडेंट की व्यवस्था भी करनी होगी। बस चलने के दौरान उसके सभी दरवाजे सुरक्षित तरीके से बंद रहना जरूरी होगा। इसके अलावा, बस कर्मचारियों को दिव्यांग यात्रियों की मदद करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्हें दिव्यांग यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में हर संभव सहायता देनी होगी।
महिला यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष जोर
दिल्ली सरकार के निर्देशों में महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। बस ऑपरेटरों को ड्राइवरों, कंडक्टरों और अन्य बस कर्मचारियों को महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार को रोकने और ऐसे मामलों के गंभीर परिणामों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के मुताबिक, अगर किसी महिला यात्री के साथ अश्लील व्यवहार, बदतमीजी, छेड़छाड़, फब्तियां कसने या किसी अन्य अपराध की घटना होती है, तो बस कर्मचारियों को इसकी सूचना तुरंत पुलिस को देनी होगी। इसके साथ ही, बस को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट या PCR वैन तक ले जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मामले में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
हर बस के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी
परिवहन विभाग ने सभी बस ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि हर बस के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट हो और वह तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में हो। बसों को लागू उत्सर्जन मानकों का पालन करना होगा और उनके पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट भी होना जरूरी है। बस ऑपरेटरों को लागू ट्रैफिक नियमों और निर्धारित बस लेन का सख्ती से पालन करना होगा। यात्रियों को बस में चढ़ाने और उतारने का काम केवल निर्धारित बस स्टॉप या अधिकृत स्थानों पर ही किया जाएगा। सड़क के बीच या चौराहे जैसी असुरक्षित और अनधिकृत जगहों पर बस रोकना प्रतिबंधित रहेगा। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सुरक्षा उपाय केवल कागजों पर दर्ज होने के बजाय जमीनी स्तर पर पूरी तरह लागू होने चाहिए। बस ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी सिस्टम, उपकरण और प्रक्रियाएं मौजूद हों और सही तरीके से काम कर रही हों।
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