इंदर कुमार, जबलपुर। साइबर ठगों ने लूट का एक ऐसा नया और खौफनाक तरीका अख्तियार कर लिया है जिसने हर मोबाइल यूजर के होश उड़ा दिए हैं। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि जब तक वे किसी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करेंगे या अपना OTP शेयर नहीं करेंगे तब तक उनका बैंक खाता सुरक्षित है। लेकिन लॉर्डगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले एक फैक्ट्री कर्मचारी के साथ जो हुआ उसने हम सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमारा पैसा आखिर सुरक्षित कहा रहेगा?
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हैकर्स का निशाना बने नितिन शाह
जानकारी के मुताबिक लार्डगंज थाना अंतर्गत क्षेत्र के निवासी नितिन शाह जो एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। नितिन के मुताबिक शातिर साइबर ठगों ने उनके मोबाइल फोन को पूरी तरह से हैक कर लिया और उन्हें भनक तक नहीं लगने दी।
3 बार में 3 लाख रुपए की ठगी
साइबर अपराधियों ने इस पूरी वारदात को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया। ठगों ने 27 मई से 29 मई के बीच महज दो दिनों के भीतर पीड़ित के बैंक खाते में तीन बार सेंध लगाई और 3 लाख रुपए पार कर दिए। पीड़ित को इस बात की जानकारी तब हुई जब उनके खाते से पूरी जमापूंजी गायब हो चुकी थी।
न OTP, न कोई लिंक… एडवांस मैलवेयर के इस्तेमाल?
इस मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि ठगी के दौरान पीड़ित शिकायतकर्ता के मोबाइल पर न तो कोई फिशिंग लिंक आई और न ही बैंक की तरफ से कोई ओटीपी प्राप्त हुई। बिना किसी क्रेडेंशियल शेयरिंग के इतनी बड़ी रकम का पार हो जाना यह साफ इशारा करता है कि हैकर्स ने किसी एडवांस मैलवेयर के जरिए पीड़ित का पूरा फोन अपने कब्जे में ले रखा था।
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लॉर्डगंज पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित नितिन शाह की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लॉर्डगंज थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की तकनीकी जांच के लिए पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली है। पुलिस अब उन बैंक खातों और आई एड्रेस को ट्रेस करने में जुटी है जहां ठगी की यह रकम ट्रांसफर की गई है।

