चरखी दादरी। जिले के गांव कासनी के शहीद जवान रवि प्रकाश का गुरुवार सुबह उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम यात्रा के दौरान उनके 8 साल के बेटे देव ने पिता को मुखाग्नि दी। श्मशान घाट में मौजूद सेना के जवानों ने गन फायर कर शहीद को सलामी दी। 31 वर्षीय रवि प्रकाश का मंगलवार को बेंगलुरु में प्रमोशन कोर्स की एक्सरसाइज के दौरान हार्ट अटैक आने से निधन हो गया था। गुरुवार सुबह उनका पार्थिव शरीर रोहतक पीजीआई से उनके गांव कासनी लाया गया था।

8 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा और लगे भारत माता के नारे

शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही पड़ोसी गांव सांवड़ पहुंचा, वहां सैकड़ों युवाओं ने बाइकों पर तिरंगा लगाकर आर्मी के वाहन की अगवानी की। सांवड़ से कासनी तक करीब 8 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान सड़क किनारे खड़े स्कूली बच्चे और ग्रामीण ‘रवि प्रकाश जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते रहे।

2015 में सेना में भर्ती हुए थे रवि, कश्मीर में थी तैनाती

रवि प्रकाश वर्ष 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में उनकी तैनाती कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स की 54वीं बटालियन में थी। उनके पिता श्रीकृष्ण सांगवान ने बताया कि रवि करीब 2 महीने पहले ही घर से ड्यूटी पर लौटे थे। फिलहाल वह प्रमोशन कोर्स पूरा करने के लिए बेंगलुरु गए हुए थे।

ट्रेनिंग के आखिरी दिन आया हार्ट अटैक, हवलदार बनने वाले थे रवि

बेंगलुरु में चल रहे प्रमोशन कोर्स का मंगलवार को आखिरी दिन था, जिसे पूरा करने के बाद रवि हवलदार के पद पर प्रमोट हो जाते। मंगलवार को पीटी एक्सरसाइज के दौरान अचानक हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया। परिजनों ने बताया कि सोमवार रात ही रवि ने वीडियो कॉल कर पत्नी और बेटे से बात की थी और हवलदार बनने के बाद जल्द घर लौटने की बात कही थी।

परिवार में रो-रोकर बुरा हाल, गांव में शोक की लहर

अंतिम संस्कार के दौरान शहीद की पत्नी सुनीता, मां नीलम और पिता श्रीकृष्ण का रो-रोकर बुरा हाल रहा, जिन्हें गांव की महिलाओं और ग्रामीणों ने संभाला। शहीद अपने पीछे पत्नी, 8 साल का बेटा देव, माता-पिता, बड़ा भाई दिनेश और बहन प्रीति को छोड़ गए हैं। अंतिम विदाई के वक्त पूरे गांव में शोक का माहौल था।

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