दरभंगा। जिले में एक 22 वर्षीय युवक मोनू सहनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और आम जनता के बीच उनके डर को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
अपराधियों से ज्यादा पुलिस का डर
बिहार सरकार के मंत्री और बहादुरपुर के विधायक मदन सहनी ने दरभंगा में एक तीखा बयान देते हुए कहा कि राज्य में कई जगहों पर लोगों को अपराधियों से ज्यादा पुलिस से भय महसूस होता है। मंत्री ने पुलिस अधिकारियों, दरोगा और जवानों पर आम जनता से अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ और ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगी, तो जनप्रतिनिधियों को इस पर गंभीरता से विचार करना होगा।
मोबाइल लोकेशन से जुड़ा विवाद और मौत
यह पूरा विवाद बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर पंचायत के वार्ड-9 निवासी जागेश्वर सहनी के बेटे मोनू सहनी की मौत से जुड़ा है। मोनू ने सोमवार को घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का आरोप है कि मोनू ने हाल ही में करीब 2 हजार रुपए में एक मोबाइल खरीदा था। टेक्निकल सेल की टीम मोबाइल के लोकेशन को ट्रैक करते हुए उसके घर पहुंची थी।
परिजनों का दावा है कि मोनू ने वह मोबाइल पुलिस को सौंप दिया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस उस पर अन्य मोबाइल को लेकर पूछताछ करने और किसी अन्य मामले में फंसाने का दबाव बना रही थी। साथ ही, पुलिस पर पैसों की मांग करने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस पर हमला और फायरिंग के आरोप
दूसरी ओर, पुलिस का पक्ष है कि आत्महत्या की सूचना मिलने के बाद परिजन की जानकारी पर एएसआई इंद्रदेव कुमार और सिपाही कुंदन कुमार मोबाइल लेने खराजपुर पहुंचे थे। इस दौरान स्थानीय लोगों और परिजनों ने दोनों पुलिसकर्मियों को घेरकर मारपीट की और उनकी सर्विस पिस्टल तथा बाइक छीन ली।
बाद में भारी पुलिस बल ने पहुंचकर दोनों घायलों को बचाया और डीएमसीएच में भर्ती कराया। वहीं, स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि सादे लिबास में दोबारा पहुंचे पुलिसकर्मियों ने फायरिंग की, जिसका सीसीटीवी फुटेज होने का दावा भी किया जा रहा है। हालांकि, एसडीपीओ ने पुलिस की ओर से फायरिंग किए जाने के आरोपों को खारिज किया है।
जांच की मांग और आगे की कार्रवाई
मंत्री मदन सहनी ने इस पूरे मामले की जांच दरभंगा एसएसपी से व्यक्तिगत रूप से कराने की मांग की है। उन्होंने दरभंगा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक आरोपी डीएसपी की पोस्टिंग को लेकर भी आपत्ति जताई है। फिलहाल पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराकर यह जांच कर रही है कि मोनू की आत्महत्या और पुलिस की कार्रवाई के बीच क्या संबंध था।

