कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। Datia By-election 2026: मध्य प्रदेश के दतिया में उपचुनाव को लेकर सियासी बिगुल बजने लगा है। सियासी दलों से चुनाव लड़ रहे चेहरों ने लोगों तक पहुंचना भी शुरू कर दिया है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी समेत सभी लोगों ने जनसंपर्क के दौरान कई मुद्दों पर बातचीत की। 

आशुतोष को प्रत्याशी बनने पर नहीं हुआ भरोसा

दतिया सीट से चुनाव लड़ने का भाव कभी मन मे आने से जुड़े सवाल पर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने कहा कि दतिया सीट से उन्हें प्रत्याशी बनाया जाएगा, यह कभी सोचा नही था। भाजपा ने मुझ जैसे कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी प्रत्याशी बनाकर दी है। भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ता ही कार्यकर्ता की तरह काम करता है। एक समर्पित कार्यकर्ता के नाते लंबे समय से काम करता चला रहा हूं। पार्टी नेतृत्व में संगठन मंत्री, अन्य संगठन में मंत्री,सरकार में हाउसिंग अध्यक्ष जैसी जिम्मेदारी मिली। जब-जब पदाधिकारी के नाते जिम्मेदारी दी गई समर्पित कार्यकर्ता के नाते इतना निभाया,यही भाव मेरे मन में रहा है। 

उन्होंने डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकिट कटने पर कार्यकर्ताओं के सड़क पर आने के सवाल पर कहा कि हमारे अपने परिवार के लोग हैं इसलिए उनके मन की भावना है। भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व,अपने सब कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करता है,उनको सुनता भी है। कार्यकर्ता का समर्पण होता है अपनी मन की बात करता है लेकिन नेतृत्व के निर्देश का पालन भी करता है। आज सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर पार्टी संगठन की दी हुई लाइन को आगे बढ़ा रहा है। 

कांग्रेस प्रत्याशी ‘आशुतोष तिवारी कहीं नजर ही नहीं आ रहे’ के सवाल पर आशुतोष ने कहा कि मेरा स्वभाव किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने का नहीं है।कुछ उम्र का भी अंतर होता है। विज्ञान कहता है कि निश्चित उम्र के बाद व्यक्ति को थोड़ा सा धुंधला नजर आता है। मेरा जीवन दतिया का ही है,में यही पला बढ़ा हूं। 1995 से दतिया सरस्वती शिशु मंदिर योजना में यही हूं। दतिया मारुति नगर में मेरा घर है बुंदेला मेरा पैतृक घर है मुझे और कुछ कहना नहीं है।कांग्रेस शायद इसी प्रकार की काल्पनिक बातें करती है इसलिए हिंदुस्तान के 80% हिस्से गायब होती जा रही है। पूरे हिंदुस्तान में सभी राज्यों में कांग्रेस जा रही है बीजेपी आ रही है। 

जनता आपको क्यों चुनेगी? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जनता की, कार्यकर्ताओं की अपेक्षा पर खरा उतरने का मेरा स्वभाव है। मैंने पीताम्बरा माई से प्रार्थना की है कि मेरे ऊपर इतनी कृपा करना कि मैं अपने कार्यकर्ता, पदाधिकारी और अपने देवता तुल्य मतदाताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतर सकूं। 

चुनावी माहौल पर उन्होंने कहा कि अपार समर्थन मिल रहा है। जनता जनार्दन जब आशीर्वाद देती है तो उसकी कोई सीमा नहीं होती है। असीमित आशीर्वाद और असीमित कृपा मिल रही है। सभी लोग मुझे परिवार के सदस्य की तरह स्वीकार कर रहे है। दतिया उपचुनाव में क्या कास्ट फैक्टर चलेगा? इस पर उन्होंने कहा कि कोई कास्ट फैक्टर नहीं चलेगा। राजनीति में दुर्भाग्य से जाति का जहर घोलने वाले लोगों को अब मतदाता जान गया है,क्योंकि मतदाता बहुत जागरूक है। बीजेपी जाति वर्ग से ऊपर उठकर सभी के कल्याण के लिए समर्पित है। डॉ. मोहन यादव की सरकार सभी जाति वर्ग के लिए काम करने वाली सरकार है। पीएम मोदी  सबका साथ सबका विकास की सोच रखते हैं। दामोदर यादव के चुनाव लड़ने से क्या त्रिकोणीय मुकाबला दतिया सीट पर बन गया है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की खूबसूरती है। सबको लगता है चुनाव लड़े, इसलिए वह भी चुनाव लड़ रहे हैं। 

आजाद समाज पार्टी प्रत्याशी दामोदर यादव ने बनाया त्रिकोणीय मुकाबला?

 BJP- CONG के बीच अब आजाद समाज पार्टी (ASP) भी चुनावी में मैदान में तैयार है। अपने तीखे बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले आजाद समाज पार्टी प्रत्याशी दामोदर यादव ने कहा कि पार्टी वह बड़ी होती है जिसके पास कार्यकर्ता ज्यादा होते हैं। मेरी चुनौती दतिया भाजपा और कांग्रेस को है। भाजपा और कांग्रेस मिलकर आजाद समाज पार्टी के बराबर आधे कार्यकर्ता भी इकट्ठे कर लें,तो मैं इन्हें बड़ी पार्टी मान लूंगा। हमारी पार्टी भी बड़ी है हमारा नेता भी मजबूत है और दतिया का कार्यकर्ता भी मजबूत है। दतिया में त्रिशंकु नहीं बल्कि एक कोणीय मुकाबला है। 

दतिया उपचुनाव में किन मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं? इस सवाल पर दामोदर ने कहा कि सरकार की योजनाएं सबसे मुख्य मुद्दा है जो सिर्फ कागजों में रह गई हैं। 180 गांव घूम चुका हूं। 20 गांव दोबारा घूम चुका हूं। 100 दिन से तैयारी में जुटा हूं क्योंकि दतिया उपचुनाव के लिए सबसे पहले प्रत्याशी के रूप में पार्टी ने मेरा नाम अनाउंस किया था। गांव-गांव में महिलाएं आज खड़ी हो गई हैं। किसी को कुटीर मंजूर नहीं हुई है किसी को वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही है किसी को विधवा पेंशन नहीं मिल रही है। 

इस उप चुनाव में यह बड़ा मुद्दा है? 

उन्होंने कहा कि दतिया शहर के अंदर सबसे बड़ा मुद्दा 70 साल में देखा जाए तो एक डालडा मील नाम की फैक्ट्री बनी थी, वह भी नरोत्तम मिश्रा के कार्यकाल में बंद हो गई। दतिया के लोगों को आज रोजगार नहीं मिल रहा है। पढ़े-लिखे युवा चार-चार डिग्री करे हुए बच्चे, 5-5 हजार के लिए ठेले लगाते फिर रहे हैं। 

अगर आपको मतदाताओं ने चुना तो क्या करेंगे?

दामोदर ने इस पर कहा कि सबसे पहले कारखाने की व्यवस्था करूंगा ताकि शहर के पढ़े-लिखे नौजवानों को रोजगार मिल सके। दतिया के अंदर जो भय और आतंक का माहौल है भ्रष्टाचार का आलम है,उसको समाप्त करने का काम करूंगा। गांव गरीब किसान मजदूर और माताएं बहने उनके हित में सरकारी योजनाओं को लागू करवा दूंगा, जो सिर्फ आज कागजों में है। कांग्रेस प्रत्याशी राजा घनश्याम सिंह के लिए उन्होंने कहा कि हमारे हिसाब से राजा महाराजा बचे नहीं है  जब से बाबा साहब का संविधान लागू हुआ है। अब कोई राजा कोई कुंवर नहीं बचा है। 72 साल की उम्र में यदि कोई कुंवर लिखता है तो मैं यही कहूंगा कि वह नाबालिग है क्या? पता करना पड़ेगा। कोई राजा का चुनाव नहीं है यह दतिया की जनता ने तय कर लिया है। इस बार सभी वर्ग के लोग दतिया में परिवर्तन चाहते हैं। सत्ताधारी दल से लोग नाराज हैं वहीं मुख्य विपक्षी दल से निराश है। नाराजगी और निराशा के बीच में एक नए विकल्प के रूप में आजाद समाज पार्टी उम्मीद की किरण बनकर आई है। 

डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटने और नए चेहरे के रूप में बीजेपी से आशुतोष तिवारी के रूप में उतारने पर उन्होंने कहा कि आशुतोष तिवारी परिचय के मोहताज हैं। वह जहां भी जा रहे हैं हाथ जोड़कर अपना परिचय दे रहे हैं। घनश्याम सिंह जब लोगों के बीच जा रहे हैं तो लोग कह रहे हैं कि 2008 के बाद कहां गायब हो गए थे। दोनों ही कैंडिडेट बहुत कमजोर हैं, जनता का जबरदस्त रुझान है। यह चुनाव पहली बार सामाजिक न्याय के मुद्दे पर हो रहा है। लोग स्पष्ट कह रहे हैं कि घनश्याम सिंह और आशुतोष तिवारी की जाती के लोगो को मिलाकर 20 हजार वोट भी नहीं है। एससी एसटी ओबीसी और माइनॉरिटी को मिलाकर 2 लाख मतदाता हैं,वह ठगे से महसूस कर रहे हैं, बदला लेने को तैयार हैं। 

कांग्रेस प्रत्याशी आरोप लगा रहे हैं कि दामोदर यादव बीजेपी के लिए B पार्टी के रूप में काम कर रहे थे। जब से नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा है तब से दामोदर यादव के तीखे बयान जो हमेशा सुर्खियों में रहते थे वह कमजोर पड़ गए, इस सवाल पर दामोदर ने कहा कि कांग्रेस के लोग निठल्ले, निक्कमे और नाकारा हैं। यह नकारा लोगों के लिए कहावत है कि नाच ना आवे आंगन टेढ़ा। यह खुद बीजेपी से मुकाबला कर नहीं पाते हैं और जब आजाद समाज पार्टी या कोई भी तीसरा दल करता है तो इन लोगों के पास सबसे अच्छा आसान तरीका है कि यह आरोप जड़ दें। बिहार उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल,दिल्ली में केजरीवाल जैसे प्रदेशों में जब तीसरा विकल्प खड़ा हुआ है तो कांग्रेस भी खत्म हो गई है। 

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस अब पूरी तरह से खत्म होती खुद को देख रही है इसलिए घबरा रही है। कांग्रेस की राजशाही विरासत इनकी सियासत सब खतरे में है एक किसान का बेटा गरीब का बेटा आज इन्हें चुनौती दे रहा है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के ‘दामोदर यादव कास्ट फैक्टर खेल रहे हैं’ आरोप पर उन्होंने इसे स्वीकारा। उन्होंने कहा, हां मैं कास्ट फैक्टर खेल रहा हूं। कास्ट फैक्टर इस देश की सच्चाई है। देश की सच्चाई है कि आशुतोष तिवारी की बिरादरी के 14000 वोट भी नहीं है घनश्याम सिंह की बिरादरी के 5000 वोट भी नहीं है। 47 हजार जाटव अहिरवार, 32 हजार कुशवाहा पाल, 24 हजार यादव और मुस्लिम लोधी 15-15 हजार, 17-17 हजार वोटर्स क्या भूसा खाने के लिए है, सिर्फ वोट देने के लिए हैं क्या? वोट हमारा है तो राज भी हमारा ही होगा, यही हमारा मंत्र है। इसे जातिवाद नहीं सामाजिक न्याय कहते हैं, जिसे हम करके ही रहेंगे।

सामाजिक न्याय के दावे के बीच जीत के मार्जिन को लेकर उम्मीद पर उन्होंने कहा कि नरोत्तम थे तब जनता से कहा था कि पहले वह 7742 वोट से हारे थे अब और ज्यादा वोट से हारेंगे। अब नरोत्तम मिश्रा नहीं हैं। दोनों ही पार्टी के पहलवान बहुत कमजोर हैं तो जीत का आंकड़ा 27 हजार से और ज्यादा बढ़ सकता है। 

दतिया उपचुनाव में BJP की होगी प्रचंड जीत- भारत सिंह

BJP चुनाव प्रभारी सांसद भारत सिंह कुशवाह में दतिया उपचुनाव में BJP की प्रचंड जीत का दावा किया। दतिया की जनता भारतीय जनता पार्टी को जीतने का मन बना चुकी है। दतिया की जनता भी मानती है कि सरकार के बिना विकास संभव नहीं है। 2023 में कांग्रेस का विधायक बना तो दतिया का विकास रुक गया था। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी चुनाव जीतेंगे तो दतिया की आवाज को भोपाल तक ले जा सकेंगे। केंद्र और प्रदेश से खुलकर दतिया के लिए विकास की मांग कर सकेंगे। विधानसभा चुनाव और दतिया में हो रहा विधानसभा उपचुनाव दोनों में काफी अंतर होता है। 

एक सीट की वजह से MP में सरकार न बननी थी न गिरनी थी, फिर भी डॉ नरोत्तम मिश्रा का टिकट क्यों काटा गया? इस सवाल पर भारत सिंह ने कहा कि टिकट काटने की कोई बात नहीं है। भारतीय जनता पार्टी एक ऐसा दल है कि कार्यकर्ता की भूमिका किस रूप में होना चाहिए यह पार्टी तय करती है।जरूर ही नरोत्तम की भूमिका पार्टी ने कहीं ना कहीं तय की होगी, उनका भी उपयोग पार्टी के हित में होगा। डॉ. नरोत्तम मिश्रा पूर्व मंत्री है, वरिष्ठ नेता है, उनका भी आशीर्वाद आशुतोष तिवारी जी को मिल रहा है। 

बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता के सड़क पर आने और नरोत्तम मिश्रा की आंखों में आंसू आने पर भारत सिंह ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि जब लंबे समय तक काम करता है तो काफी कार्यकर्ता व्यक्तिगत रूप से भी उससे जुड़ जाते हैं। व्यक्तिगत लोगों को जब ऐसे निर्णय होते हैं तो व्यक्तिगत दुख होता है। वह दुख कुछ पल के लिए था अब दुख दूर हो चुका है। सभी लोग आशुतोष तिवारी जी को जीताने के लिए मन से काम कर रहे हैं। 

कांग्रेस के दतिया का किला हमारा वाले दावे पर उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी में बहुत अंतर है। बीजेपी में कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का काम किया जाता है और कांग्रेस में विरासत वालों को आगे बढ़ने का काम किया जाता है। जनता जानती है कि यदि रियासतों से काम चल रहा होता तो फिर लोकतंत्र की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। 

दतिया उपचुनाव में ऐसे कौन से मुद्दे हैं जिन्हें लेकर आप जनता के बीच जा रहे हैं और चुनाव जीतने पर उन्हें पूरा भी करेंगे? इस सवाल पर भारत सिंह ने कहा कि जनता स्वीकार कर चुकी है कि अभी तो ढाई साल में यहां का विकास रुका है। भाजपा के जीतने पर वह विकास का पहिया आगे बढ़ेगा। सरकार के बिना विकास अधूरा होता है और भाजपा के पास डबल इंजन की सरकार है। आशुतोष तिवारी की उपचुनाव में लड़ाई राजा और रंक की लड़ाई है। बीते चुनाव के आंकड़े बता चुके हैं कि दतिया सीट पर भाजपा का जीत का मार्जिन लगातार कम हुआ था। 2023 में हार तक का सामना करना पड़ा? इस सवाल पर भारत सिंह ने कहा कि भाजपा की इस उपचुनाव में ऐतिहासिक और प्रचंड जीत होने जा रही है। 

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