कैथल की डीसी अपराजिता ने जींद रोड स्थित डाइट भवन में ज्ञान दान बुक बैंक का भव्य उद्घाटन किया है। इस अनूठी मुहिम के तहत जुटाई गई 3952 किताबों को जरूरतमंद विद्यार्थियों के बीच वितरित किया जाएगा।
राकेश कथूरिया, कैथल। डीसी अपराजिता ने जिला प्रशासन की एक विशेष मुहिम के तहत जींद रोड स्थित डाइट भवन में ‘ज्ञान दान बुक बैंक’ का भव्य उद्घाटन किया है। इस प्रेरणादायक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कैथल में इस अनूठी योजना की शुरुआत विशेष रूप से उन जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए की गई है जो आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। वर्तमान समय में बाजार में उच्च शिक्षा और विभिन्न विषयों की किताबें काफी महंगी हो गई हैं जिसकी वजह से कई होनहार बच्चे आगे तरक्की नहीं कर पाते हैं। इसी गंभीर समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर इस बेहतरीन बुक बैंक की स्थापना की गई है ताकि बच्चे यहां से नि:शुल्क किताबें लेकर पढ़ सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें।
डाइट भवन में भारी संख्या में किताबें एकत्रित
इस महत्वपूर्ण उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डीसी अपराजिता ने सबसे पहले मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित किया और फिर रिबन काटकर ज्ञान दान बुक बैंक की शुरुआत की। इस पावन अवसर पर उन्होंने खुद अपने हाथों से वहां मौजूद विद्यार्थियों को आवश्यक पुस्तकें वितरित कीं। प्रशासन के प्रयासों से इस विशेष बुक बैंक में विभिन्न विषयों से संबंधित करीब 3952 महत्वपूर्ण किताबें एकत्रित की जा चुकी हैं। इस अनूठी मुहिम को सफल बनाने के लिए जिले के विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और अनेक सामाजिक संस्थाओं ने अपना बढ़-चढ़कर योगदान दिया है। डाइट भवन में किताबों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डीसी ने वहां एक अतिरिक्त कमरे के साथ एयर कंडीशनर और नए रैक जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षा को बताया जीवन का अमूल्य धन
डीसी अपराजिता ने समाज के सभी वर्गों और अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे समाज के किसी भी बच्चे को खुद से अलग न समझें। उन्होंने एक बेहतरीन सुझाव देते हुए कहा कि जब भी लोग अपने बच्चों के लिए बाजार से नई किताबें खरीदते हैं तो उन्हें एक अतिरिक्त किताब जरूर खरीदनी चाहिए ताकि उसे किसी अन्य जरूरतमंद बच्चे को दिया जा सके। उन्होंने शिक्षा को जीवन का सबसे अमूल्य धन बताते हुए कहा कि यह व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के चहुंमुखी विकास की सबसे बड़ी कुंजी है। शिक्षा के माध्यम से ही नागरिक पूरी तरह आत्मनिर्भर बनता है और देश की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देता है। उन्होंने आम जनता से इस पवित्र ज्ञानदान महाअभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करने का आह्वान किया है।

