डीसीआरयूएसटी मुरथल के कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके नेतृत्व में विवि में प्लेसमेंट और परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
संजीव घनगस, सोनीपत। दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DCRUST), मुरथल के कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह ने बुधवार, 13 मई 2026 को विश्वविद्यालय के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान कुलगुरु ने परीक्षा संचालन की बारीकियों को देखा और सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित एवं नियमानुसार संचालित पाई गईं। प्रो. प्रकाश सिंह के इस कदम को विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कुलगुरु ने स्वयं केंद्रों का भ्रमण कर यह सुनिश्चित किया कि छात्रों को परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
शैक्षणिक सुधार का सफल क्रियान्वयन
कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह के कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति (NEP) को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त, ई-समर्थ पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों की उपस्थिति को ऑनलाइन अपलोड करना और परीक्षा समाप्ति के मात्र 7 से 10 दिनों के भीतर परिणाम घोषित करना विश्वविद्यालय की कार्यक्षमता का प्रमाण है। कक्षाओं का समयबद्ध संचालन और शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के कारण ही विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।
छात्र हित सर्वोपरि: प्लेसमेंट का लक्ष्य
कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह का मानना है कि छात्र हित ही विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। उनके द्वारा किए गए सुधारात्मक कदमों का सुखद परिणाम भारी संख्या में हो रहे विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के रूप में दिखाई दे रहा है। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने दोहराया कि उनका निरंतर प्रयास विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाना है। कुलगुरु ने कहा कि हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों को एक ऐसा वातावरण प्रदान करना है जिससे वे नई ऊंचाइयों को छू सकें और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

