भुवनेश्वर: ओडिशा के राजनीतिक रंगमंच पर एक बार फिर वही दिलचस्प नजारा दोहराया गया है, जहां देबाशीष सामंतराय ने बिना किसी मुकाबले के दोबारा राज्यसभा में कदम रख दिया है. महज दो हफ्ते पहले बीजू जनता दल से पार्टी बदलकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए ओडिशा के इस दिग्गज नेता ने संसद के उच्च सदन के लिए लगातार दूसरी बार निर्विरोध जीत दर्ज की है.

सामंतराय को बिना किसी प्रतिद्वंद्वी के चुनाव जीतने का पहला अनुभव फरवरी 2024 में हुआ था, जब उन्हें बीजेडी के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा गया था. उस समय उनके साथ सुभाशीष खुंटिया और अश्विनी वैष्णव भी निर्विरोध चुने गए थे. विरोध में किसी भी अन्य उम्मीदवार के पर्चा दाखिल न करने के कारण, यह तिकड़ी आसानी से चुनाव पार कर गई और उसी वर्ष अप्रैल में उन्होंने पद की शपथ ली.
इसके बाद मई 2026 में कहानी में नया मोड़ आया. सामंतराय ने बीजेडी और अपनी राज्यसभा सीट, दोनों से इस्तीफा दे दिया, लेकिन जल्द ही वे इस उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में दोबारा उभर कर सामने आए. 9 जून को जब नामांकनों की जांच की प्रक्रिया पूरी हुई, तो बीजेडी या कांग्रेस में से किसी ने भी उनके खिलाफ अपना उम्मीदवार उतारने की जहमत नहीं उठाई. इसके चलते उन्होंने बिना कोई पसीना बहाए एक बार फिर इस सीट पर अपना कब्जा जमा लिया.
दो बार चुनाव और दोनों ही बार निर्विरोध जीत देबाशीष सामंतराय का सफर राजनीति की एक ऐसी दुर्लभ पटकथा है, जहां मैदान में विरोधियों का न होना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और सहयोगी बन गया है.

