कस्बा बवानीखेड़ा में बेघर किए गए परिवारों के धरने को समर्थन देने रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और एआईसीसी राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने प्रभावितों के पुनर्वास और मुआवजे की पुरजोर वकालत की।

अजय सैनी, भिवानी। कस्बा बवानीखेड़ा में पिछले कई दिनों से करीबन 50 सालों से रह रहे लोगों के आशियाने उजाड़ने के विरोध में धरनारत पीड़ित परिवारों के आंदोलन को उस समय बड़ी राजनीतिक ताकत मिली, जब रोहतक से लोकसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा उनके बीच पहुंचे। सांसद दीपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने धरनारत परिवारों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया। इस दौरान उनके साथ ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। सांसद दीपेंद्र हुड्डा और राष्ट्रीय सचिव ने पीड़ित परिवारों की आपबीती सुनी और सरकार की नीतियों के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने का संकल्प लिया।

गरीबों को उजाड़ने का कोई नैतिक अधिकार नहीं

धरना स्थल पर मौजूद भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आज प्रदेश की बीजेपी सरकार गरीब और अमीर का चेहरा देखकर कानून का पाठ पढ़ा रही है। रसूखदारों के लिए कानून के मायने कुछ और हैं, जबकि आधी सदी से रह रहे गरीबों के लिए कुछ और। पिछले 50 वर्षों से बसे-बसाए गरीब परिवारों को इस तरह उजाड़ने का किसी भी चुनी हुई सरकार को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार का प्राथमिक काम गरीबों को छत देना और उनका घर बसाना होता है, उनका आशियाना उजाड़ना नहीं। यह सरकार संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार कर चुकी है। हमारी स्पष्ट मांग है कि सरकार इन सभी प्रभावित परिवारों को तुरंत उचित मुआवजा दे, उनके पुनर्वास की व्यवस्था करे और इस अमानवीय कृत्य के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगे।

सड़क से लेकर संसद तक गूंजेगी पीड़ित परिवारों की आवाज

इस अवसर पर एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को ढाढस बंधाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। नरवाल ने कहा कि यह केवल बवानीखेड़ा के कुछ परिवारों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह गरीबों के हकों पर डाका डालने वाली इस दमनकारी सोच के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन है। जब तक इन पीड़ित परिवारों को पूरी तरह से न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस चैन से नहीं बैठेगी। हम सड़क से लेकर विधानसभा और देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद तक इन परिवारों की आवाज़ को मजबूती से बुलंद करते रहेंगे।

आंदोलन में शामिल हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता

इस दौरान भिवानी ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी, भिवानी शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप जोगी, विधायक जस्सी पेटवाड़, विधायक विकास सहारन, पूर्व सीपीएस जयवीर सिंह वाल्मीकि, पूर्व विधायक सोमवीर सिंह, पूर्व विधायक बलबीर वाल्मीकि, राहुल मक्कड़, सुमन बेदी, कृष्ण मलिक, धीरज सिंह, कमल प्रधान, नरेंद्र गागड़वास, सत्यजीत पिलानिया, तेलूराम जांगड़ा, उमेश भारद्वाज, पवन बुवानीवाला, रेणु बाला, काला मुंढाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।