अविनाश श्रीवास्तव/रोहतास। रोहतास जिले के डेहरी स्थित बीएमपी (BMP) परिसर में आज एक अत्यंत गौरवपूर्ण और गरिमामयी दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में 333 प्रशिक्षु जवानों ने कठिन प्रशिक्षण के उपरांत दीक्षांत परेड में भाग लिया और राष्ट्र की सेवा के लिए शपथ ली।
अनुशासन और जोश का दिखा संगम
दीक्षांत परेड में प्रशिक्षु जवानों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूर्ण अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ जवानों ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया। पुलिस केंद्र, डेहरी के प्रांगण में आयोजित इस परेड ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह की अध्यक्षता मुख्य अतिथि के रूप में शाहाबाद रेंज के डीआईजी डॉ. सत्य प्रकाश ने की, जबकि रोहतास के एसपी रौशन कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
वर्दी के भीतर संवेदनशील इंसान की भूमिका
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डीआईजी डॉ. सत्य प्रकाश ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल कानून का पालन करना नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है। उन्होंने बल देकर कहा वर्दी के भीतर छिपी मानवीय संवेदना ही एक पुलिस अधिकारी को सही मायने में समाज का रक्षक बनाती है। मानवता के साथ की गई सेवा ही पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
चुनौतियों के बीच सकारात्मकता का महत्व
रोहतास एसपी रौशन कुमार ने अपने संबोधन में पुलिसिंग की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुलिस अक्सर तनावपूर्ण और नकारात्मक माहौल में काम करती है, लेकिन उन परिस्थितियों के बावजूद अपनी सकारात्मकता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती और उपलब्धि है।
एसपी ने तकनीकी युग की चर्चा करते हुए कहा कि आज के दौर में हर कदम पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता की नजर है। ऐसे में कानून के दायरे में रहकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना ही कुशलता है। उन्होंने जवानों को बिना किसी चूक के बेहतर परिणाम देने और जनता के बीच पुलिस की छवि को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया।
इस दीक्षांत समारोह के साथ ही, 333 नए जवानों का पुलिस बल में शामिल होना बिहार पुलिस के लिए एक नई ऊर्जा की तरह है, जो अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

