अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। रोहतास जिले के डेहरी ऑन सोन में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों और जांच केंद्रों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाया। जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा के सख्त निर्देशों के आलोक में प्रशासन ने अचानक छापेमारी अभियान शुरू किया, जिससे अवैध क्लिनिक और अल्ट्रासाउंड संचालकों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई की भनक लगते ही कई संचालक अपने संस्थान के ताले बंद कर मौके से फरार हो गए।
छापेमारी दल का गठन और निरीक्षण
इस विशेष जांच अभियान की कमान डेहरी के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) निलेश कुमार ने संभाली। प्रशासनिक टीम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रभारी के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय रूप से शामिल रहे। अधिकारियों ने पाली रोड क्षेत्र को मुख्य केंद्र बनाते हुए वहां संचालित होने वाले निजी चिकित्सा संस्थानों के दस्तावेजों और भौतिक बुनियादी ढांचे की गहनता से जांच की।
अनियमितताओं पर पहली बड़ी कार्रवाई
जांच टीम ने पाली रोड पर स्थित रॉयल अल्ट्रासाउंड, मां शारदा हेल्थ केयर और न्यू आदित्य अल्ट्रासाउंड सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मां शारदा हेल्थ केयर में भारी अनियमितताएं पाई गईं और संस्थान के संचालन से जुड़े वैध दस्तावेज तथा मानक गायब मिले। नियमों की इस गंभीर अनदेखी को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मां शारदा हेल्थ केयर को सील कर दिया। इसके अलावा, सूची में शामिल अन्य दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों की फाइलों और दस्तावेजों की तकनीकी जांच अभी भी जारी है।
प्रशासन की चेतावनी और आगे की रणनीति
एसडीएम निलेश कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष अभियान पूरे अनुमंडल क्षेत्र में अवैध अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेंटरों पर नकेल कसने के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के विभिन्न इलाकों से लगभग आधा दर्जन ऐसे अवैध जांच केंद्रों के संचालन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जांच के दायरे में आने वाले सभी संदेहास्पद संस्थानों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी और नियमों के विरुद्ध पाए जाने वाले हर एक सेंटर के संचालकों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शहर में खलबली और प्रशासनिक संदेश
प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद से डेहरी शहर के अवैध चिकित्सा जगत में डर और अफरा-तफरी का माहौल है। बिना निबंधन और मानकों के संचालित होने वाले क्लिनिकों के मालिकों में खौफ साफ तौर पर देखा जा रहा है। जिला प्रशासन ने यह भी संदेश दिया है कि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अवैध स्वास्थ्य संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।



